संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : दुष्कर्म के एक मामले में हुए विचारण में विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अभियुक्त पर दोष सिद्ध पाया है। सजा के मामले में सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

अभियोजन के अनुसार पीड़िता 28 जुलाई 2018 को रात्रि नौ बजे किसी कार्य से घर से बाहर आई। तो पीड़िता के गांव का ही जगदीश राम पुत्र गोविंद राम निवासी तहसील सोमेश्वर उसका हाथ पकड़कर उसे मवेशियों के रहने वाले सुनसान कमरे में ले गया और पीड़िता का मुंह दुपट्टे से बांध दिया। पीड़िता के चिल्लाने पर उसकी नानी घर के बाहर आई और उसने दरवाजा खोलने को कहा। अभियुक्त ने दरवाजा खोला और उसकी नानी का धक्का देकर पीड़िता को अपने साथ जंगल की ओर ले गया। घटना की रिपोर्ट लिखाने जब उसकी नानी 30 जुलाई को सोमेश्वर थाने में आई और रिपोर्ट लिखाने के बाद जब वह वापस लौट रही थी तो उसे पीड़िता अपने मामा के साथ आते हुए मिली। जिसके बाद परिजन उसे फिर थाने में ले गए। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त उसे जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए गए। अभियोजन की ओर से इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैलवाल व विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में आठ गवाह परीक्षित कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की अभिलाषा तिवारी ने भी इस मामले में सहयोग दिया। साक्ष्यों पर विचारण के बाद विशेष सत्र न्यायधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अभियुक्त पर आरोप सिद्ध पाया है।

Posted By: Jagran

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