संवाद सूत्र, भतरौजखान: भतरौंजखान के समीप गुरड़खेत पर बीते गुरुवार को हुए बस दुर्घटना में मारे गए स्थानीय यात्री हिमांशु-20 वर्ष की रामगंगा के घाट पर बेहद गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई है। इस दौरान परिजनों व भारी संख्या में क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। मूल रूप से नेवल गांव निवासी सुरेश चंद्र का बेटा हिमांशु अपने मामा के पास भतरौंजखान में रहकर पढ़ाई करता था, लेकिन बस हादसे में वह मौत के आगोश में समा गया।

मृतक हिमांशु परिवार में सबसे बड़ा बेटा था, पिता सुरेश चंद्र मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। अब परिवार में दो बहनें व एक छोटा भाई है। गरीबी व संसाधनों के अभाव में पिता को बड़े पुृत्र हिमांशु से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन जो अब धरी की धरी रह गई हैं। पिता को उम्मीदें थीं कि पढ़ लिखने के बाद पुत्र परिवार की माली हालत को सुधार लेगा, लेकिन पांच के अचानक मौत से परिवार टूट गया है तथा परिजनों की आंखों में असहनीय दर्द व आशाओं के टूट जाने के धाव स्पष्ट दिख रहे हैं।

मृतक हिमांशु के मामा गणेश चंद्र ने बताया कि वह काफी मेहनती छात्र था तथा उसमें सौम्यता कूट कूट कर भरी थी। दुघर्टना में गणेश चंद्र की दो भतीजियां भी घायल हुए है, जिन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। इधर घटना के बाद हिमांशु के गांव में शोक की लहर है तथा सभी दुखी हैं।

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