संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। जिले के 11 विकास खंडों में से 9 ब्लॉकों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की गई है। जिसमें से मात्र 4 में एक्स रे मशीन की सुविधा है। बाकि 5 सीएचसी मशीन की सालों से बाट जोह रहे हैं। इससे इन केंद्रों में मरीजों को महज मामूली सा इलाज मिल पाता है। जिससे मरीजों को कई किलोमीटर दूर इधर-उधर जाने को मजबूर होना पड़ता है।

पृथक उत्तराखंड राज्य गठन का निर्माण हुए 18 साल पूरा होने को हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में सालों बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं जुट पाई हैं। इससे मरीजों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इससे उनका अनावश्यक धन व समय जाया होता है। एक ओर सरकार के मंत्री व उच्च नीति नियंता स्वास्थ्य विषयक संगोष्ठियों व सेमिनारों में गांव-गांव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का राग तो खूब अलापते हैं, वहीं सीएचसी केंद्रों में अब तक एक्स रे मशीन तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। जिले के 9 सीएचसी वाले विकास खंडों में से मात्र 4 सीएचसी भिकियासैंण, द्वाराहाट, चौखुटिया व जैंती में ही एक्स रे मशीन की सुविधा है। बाकि अन्य ब्लॉकों धौलादेवी, देघाट, सल्ट, उपराड़ी व लमगड़ा में एक्स मशीन की सुविधा नहीं जुट पाई है। इन ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण सालों से इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, इसके बाद भी कोई सुध नहीं ली गई है।

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निदेशक से मिले भाजयुमो मंडल प्रभारी

अल्मोड़ा : धौलादेवी सीएचसी में एक्स रे मशीन स्थापित किए जाने की मांग को लेकर भाजयुमो मंडल प्रभारी गौरव पांडेय ने एनएचएम के निदेशक से देहरादून में वार्ता कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। पाडे ने बताया कि निदेशक ने इस मामले में सकारात्मक आश्वासन दिया है।

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जिले के जिन सीएचसी में एक्स रे मशीन नहीं है, वहां के लिए प्रस्ताव पूर्व में स्वास्थ्य निदेशालय को भेजे गए हैं। शासन व विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए लगातार प्रयासरत है।

-डॉ. विनीता साह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा

Posted By: Jagran

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