संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : वन पंचायत सरपंच संघ ने कुमाऊं उत्तरी वृत के वन संरक्षक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। संगठन के सदस्यों ने इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक को पत्र भेजा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की माग की है।

प्रमुख वन संरक्षक जयराज को भेजे पत्र में सरपंच संगठन के सदस्यों ने कहा है कि उत्तरी कुमाऊं वृत्त के वन संरक्षक आईपी सिंह ने अपने रसूख का सहारा लेकर विभाग में कई अनियमितताएं की हैं। सदस्यों ने कहा है कि पूर्व में पिथौरागढ़ जिले में तैनाती के दौरान आईपी सिंह ने बकर लीफ योजना के तहत उत्तराखंड क्रय नियमावली के विपरीत लाखों रुपये की खरीददारी की। जबकि वर्तमान में वह कोसी पुनर्जनन अभियान में मानकों के विपरीत कार्य कर कमीशन देने वाले अधिकारियों को संरक्षण दे रहे हैं। सरपंच संघ के सदस्यों ने कहा है कि वन संरक्षक द्वारा कमीशन न दिए जाने पर पूर्व में सिविल सोयम वन प्रभाग में कार्यरत रेंजर दयाधर भट्ट को भी उनकी तैनाती से हटाया दिया गया था। सरपंच संघ के सदस्यों ने प्रमुख वन संरक्षक को भेजे पत्र में इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रमुख वन संरक्षक को भेजे पत्र में संगठन के बिशन राम, चंदन सिंह, पूरन सिंह, चंद्रप्रकाश समेत अनेक सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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सरपंच संगठन की ओर से भेजे गए पत्र के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। विभाग से ऐसा कोई पत्र आएगा तो उसका जवाब उच्च अधिकारियों को दिया जाएगा।

-आईपी सिंह, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त, अल्मोड़ा