संवाद सहयोगी, रानीखेत : कोसी घाटी में दो जनपदों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित कुजगढ़ पुल के निर्माण में सुस्त प्रगति पर उपनेता करन सिंह माहरा भड़क उठे। उन्होंने दो वर्ष पूर्व स्वीकृत सेतु को मूर्तरूप देने में देरी को सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही करार देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार की हिदायत भी दी। कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यो में हीलाहवाली का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। ताकि राज्य सरकार को दबाव में ले पुल निर्माण जल्द पूरा कराया जा सके।

कुजगढ़ नदी पर 80 मीटर स्पान के करीब 14 करोड़ रुपये की लागत वाले निर्माणाधीन स्टील गार्डर पुल का उपनेता करन ने औचक निरीक्षण किया। वर्ष 2016 के आखिर में तत्कालीन हरीश रावत सरकार में इस बहुप्रतीक्षित सेतु की आधारशिला रख निर्माण शुरू किया गया था। मगर अब तक इस पुल को धरातल पर उतारे जाने पर विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि वर्षाकाल समाप्त हुए दो माह हो चुके। मगर पुल का निर्माण ठप होना जहां विभागीय लापरवाही को दर्शा रहा, वहीं राज्य सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली भी उजागर हो रही। उन्होंने दो जिलों के नागरिकों की सुविधा से जुड़े ज्वलंत मुद्दे को सदन में उठाने की बात कही। साथ ही उच्चाधिकारियों से भी बात की जाएगी।

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इन गांवों को होगा बड़ा लाभ

कुजगढ़ पुल बनने के बाद बेतालघाट ब्लॉक (नैनीताल) के वधरें, रतौड़ा, खैरनी, हल्सो, घघरेठी, नैनीचेक, तिवाड़ीगाव तथा तारीखेत ब्लॉक (अल्मोड़ा) के टूनाकोट, मंडलकोट, रीची, बिल्लेख, सुखोली, चापड़, हिड़ाम आदि तमाम गावों के बाशिंदों को बड़ा लाभ होगा। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी बचे सिंह देव, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सिंह देव, विस प्रभारी अभिषेक बिष्ट, कुंदन सिंह आदि मौजूद रहे।

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विकास कार्यो में तेजी के प्रति राज्य सरकार उदासीन तो है ही, विभाग भी सुस्त पड़ गए हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में तब करोड़ों का बजट अवमुक्त कराया था लेकिन सत्ता बदलते ही बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण में हीलाहवाली ठीक नहीं। कार्यदायी विभाग के उच्चाधिकारियों से बात कर इस मसले को सदन में पुरजोर ढंग से उठाया जाएगा।

-करन सिंह माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष

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Posted By: Jagran