संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के कारण धौलादेवी ब्लॉक में पेयजल योजनाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश से हुए भूस्खलन के कारण जहां लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं दर्जनों गांवों की पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। इससे यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण भूस्खलन का सिलसिला भी लगातार जारी है। इससे सड़क मार्गो समेत पेयजल लाइनों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। जिले के धौलादेवी ब्लॉक की बात करें तो यहां दर्जनों गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने वाली माणम-बेलख पेयजल योजना और आरा सल्पड़ फेज दो की मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे पिछले चार पांच- दिनों से इस योजना से प्रभावित होने वाले गांवों में पेयजल को हाहाकार मचा है। वहीं रविवार को हुई बारिश के बाद फिर हुए भूस्खलन के कारण इस योजना की कुछ वितरण लाइनें भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। इससे अब क्षेत्र के पंचेल, धूरा, कुलौरी, सुकनणा, नैकाना, कफलनी, बागपाली समेत अनेक गांवों के हजारों परिवारों के सामने पेयजल का संकट गया है। पेयजल लाइनों के ध्वस्त होने के कारण अब इन क्षेत्रों के लोग आसपास के नदी धारों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने विभाग के अधिकारियों से लाइनों को ठीक करने की मांग की है।

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बारिश से हो रहे भूस्खलन के कारण पेयजल लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे क्षेत्र के कई गांवों में आपूर्ति बाधित हुई है। क्षतिग्रस्त योजनाओं के इस्टीमेट विभाग और दैवीय आपदा प्रबंधन विभाग को भेजे गए हैं। लेकिन धनराशि अवमुक्त न होने के कारण मरम्मत का कार्य में थोड़ा विलंब हुआ है। लाइनों को सुचारू करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

-हेमंत भैंसोड़ा, अवर अभियंता, जल संस्थान, धौलादेवी

Posted By: Jagran