संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : संस्कृत अकादमी हरिद्वार के तत्वावधान में विभिन्न विकास खंडों में ब्लॉक स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपना जलवा दिखाया। जिसके कनिष्ठ वर्ग के आशुभाषण में दीया तथा वरिष्ठ वर्ग में पार्थ ने बाजी मारी। सभी विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया।

हवालबाग क्षेत्र की राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुई विकास खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग के आशुभाषण में दीया राजोरिया, वाद विवाद में विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा, श्लोक उच्चारण में आर्मी पब्लिक स्कूल, समूह नाटक में विवेकानंद इंटर कालेज, समूह गान में विवेकानंद इंटर कालेज तथा समूह नृत्य में आर्य कन्या इंटर कॉलेज ने बाजी मारी। वहीं वरिष्ठ वर्ग के आशु भाषण में पार्थ जोशी, श्लोक उच्चारण में गालब जोशी, वाद विवाद में विवेकानंद इंटर कालेज, समूह नाटक में विवेकानंद इंटर कालेज, समूह नृत्य में आर्य कन्या इंटर कालेज तथा समूह गान में एडम्स ग‌र्ल्स इंटर कालेज ने पहला स्थान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी हर्ष बहादुर चंद ने विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र पाठक, मदन सिंह मेर, संयोजक मोती प्रसाद साहू, प्रधानाचार्या सावित्री टम्टा, निर्मल पंत, गिरीश चंद्र जोशी, पीसी तिवारी, कमलेश मिश्रा, सुधा उप्रेती, गंगा दत्त जोशी समेत अनेक शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद थे।

भैसियाछाना: विकास खंड की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता राजकीय इंटर कालेज बाड़ेछीना में हुई। प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग के नाटक स्पर्धा में राजकीय इंटर कालेज नगरखान, समूहगान व नृत्य में राजकीय बालिका इंटर कालेज बाड़ेछीना ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं कनिष्ठ वर्ग के नाटक में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनियान, नृत्य में विद्या मंदिर बाड़ेछीना तथा समूह गान में राजकीय इंटर कालेज बाडे़छीना प्रथम स्थान पर रहा। इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा ही नहीं है वरन यह हमारी संस्कृति भी है। खंड संयोजक जनार्जन तिवारी ने सभी अतिथियों का आभार जताया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी हरीश रौतेला, ब्लॉक प्रमुख हरीश रौतेला, प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र टम्टा, बसंत राम आर्या, आनंद बल्लभ जोशी, भाष्करानंद पांडे समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे।

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