संवाद सहयोगी, रानीखेत : मिशन इंटर कॉलेज (एमआइसी) में ब्लॉक स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। संस्कृत गीत, नाटिका हो या श्लोकोच्चारण अथवा समूह नृत्य, बच्चों ने शानदार प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध किया। वरिष्ठ वर्ग में श्रीराम मंदिर विद्यापीठ की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

एमआइसी सभागार में संस्कृत प्रतियोगिता के दूसरे दिन शुक्रवार को वरिष्ठ वर्ग में विभिन्न विद्यालयों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई। अधिकांश प्रतियोगिताओं में श्रीराम मंदिर विद्या पीठ के विद्यार्थियों का दबदबा रहा। लहराया। संस्कृत नाटक में विद्यापीठ ने बाजी मारी। समूह गान में जीजीआइसी रानीखेत, जीजीआइसी ताड़ीखेत व जीआइसी कुनेलाखेत, नृत्य में श्री राम मंदिर, मिशन इंटर कालेज व जीजीआइसी ताड़ीखेत, आशुभाषण में विद्यापीठ के विक्रम बिष्ट, एमआइसी के दीपक सती व जीजीआइसी ताड़ीखेत भावना आर्या, वादविवाद में राम मंदिर, जीआइसी बेड़गांव व जीजीआइसी ताड़ीखेत तथा श्लोकोच्चारण में राममंदिर के गौरव पंत, जीजीआइसी रानीखेत की हिमानी आर्या व एमआइसी के दीपक पंत प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे।

==========

संस्कृत है अमर भाषा, संरक्षण भी जरूरी : करन

मुख्य अतिथि विधायक करन सिंह माहरा ने कहा कि देव भाषा संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। विश्व की सभी भाषाओं का उद्भव इसी के गर्भ से हुआ है। मौजूदा दौर की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए माहरा ने कहा कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आज भी जहां पंडितजन वार्तालाप में संस्कृत का प्रयोग करते हैं वहीं भारतीय दर्शन शास्त्र से जुड़े सांस्कारिक कायरें में यही देवभाषा प्रयुक्त होती है। उन्होंने ग्रीक व लैटिन आदि मृत भाषाओं से इतर संस्कृत को अमर भाषा की संज्ञा दी। साथ ही आधुनिकता की बयार में संस्कृत के संरक्षण व प्रचार प्रसार को जरूरी भी बताया। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कृत किया। इससे पूर्व विधायक का गुरुजनों ने स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया।

==========

ये रहे मौजूद

विशिष्ट अतिथि शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी, संस्कृति कर्मी कैलाश पांडे, शिक्षिका प्रमिला विद्यार्थी, मीनाक्षी उप्रेती, विमला रावत, मीना पांडे, मीरा नेगी, शिल्पी अग्रवाल, सुनीता, विजया तिवारी, हरी सिंह कड़ाकोटी, चूड़ामणि हर्बोला, कृष्ण कुमार उपाध्याय, वीके सिंह, प्रकाश तिवारी, त्रिलोचन पपनै, भुवन तिवारी, ललित मोहन पंत आदि।

Posted By: Jagran