संवाद सहयोगी, मानिला (रानीखेत) : राजस्व व रेग्यूलर पुलिस की सीमा विवाद के चक्कर में विकास खंड के गेठिया गांव में हाइटेंशन लाइन की चपेट में आया मृतक का शव 24 घंटे सीएचसी देवालय में पड़ा रहा। डीएम के हस्तक्षेप के बाद रानीखेत से पहुंचे चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम किया।

बीती मंगलवार को सल्ट ब्लॉक के गेठिया गांव मे हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से ग्राम पंचायत गड़कोट के मजेड़ाखत्त्ता निवासी अनिल सिंह (24) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन का घटना की सूचना दी। लेकिन तहसील प्रशासन व थाना पुलिस शव के एक दूसरे की सीमा में पड़े होने की बात पर अड़े रहे। जिस कारण शव को नहीं उठाया गया। तहसील प्रशासन व थाना पुलिस के रवैये से खिन्न ग्रामीणों स्वयं शव को उठाकर सीएचसी देवालय पहुंचाया। ग्रामीण व परिजन पोस्टमार्टम की गुहार लगाते रहे लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। ग्रामीणों ने डीएम व सीएमओ से वार्ता कर शव का पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। इसी बात को लेकर जिपं सदस्य नारायण सिंह की सीओ वीर सिंह से तीखी नोकझोंक भी हुई। आखिरकार डीएम के निर्देश के बाद गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय से चिकित्सकों की टीम पहुंची। तब जाकर सीएचसी देवालय में शव का पोस्टमार्टम किया गया। जिपं सदस्य के अनुसार मृतक बेहद गरीब परिवार से है। उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

Posted By: Jagran