संवाद सहयोगी, चौखुटिया: रंगीली गेवाड़ की धरती में बसे मां अगनेरी मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष लगने वाला पौराणिक व धार्मिक-चैत्राष्ठमी मेला नए स्वरूप में देखने को मिलेगा। मेले में गांवों सेलोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही इस बार विविध खेल स्पर्धाओं को शामिल किया गया है। परंपरा के अनुसार इस वर्ष मां का डोला जमणियां के ग्रामीणों द्वारा मुख्य मेले के दिन मंदिर लाया जाएगा। मेले के आखिरी दिन मीना बाजार सजेगा।

पौराणिक चैत्राष्टमी कौतिक 8 अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक मां अगनेरी मेला स्थल पर चलेगा। शुक्रवार को हुई मेला समिति की कार्यकारिणी बैठकमें मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई एवं कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया। अध्यक्ष डॉ. कुलदीप बिष्ट के अनुसार पहले दो दिन अलग अलग वर्गो में विविध खेल स्पर्धाएं संपन्न होंगी। 12-13 अप्रैल को स्कूली बच्चे व आमंत्रित सांस्कृतिक टीमों के कलाकार मंच पर लोक संस्कृति के विविध रंग बिखेरेंगे।

13 अप्रैल को मुख्य मेले में मां का डोला मुख्य आकर्षण होगा, जिसे जमणियां ऑल द्वारा अगनेरी मंदिर लाया जाएगा। 14 अप्रैल को मीना बाजार लगेगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आचार संहिता के चलते 10-11 अप्रैल को कार्यक्रम नहीं होंगे। नवरात्र के प्रथम दिन यानी 6 अप्रैल को अगनेरी मंदिर में सुबह मा के डोले की प्राण प्रतिष्ठा व पूजा-अर्चना होगी तथा इसके बाद डोला जमणियां के लिए प्रस्थान करेगा। उन्होंने सभी से सहयोग की अपील की है।

Posted By: Jagran

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