संवाद सहयोगी, स्याल्दे, (रानीखेत) : डोटियाल चम्पानगर देघाट देहरादून बस सेवा बंद करने पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनपने लगा है। कहा कि इस क्षेत्र को राजधानी से जोड़ने के लिए एकमात्र बस सेवा है और निगम ने इसे बंद कर क्षेत्र के सैंकड़ों गांवों के लोगों की उपेक्षा की है। चेतावनी दी है कि शीघ्र बस सेवा बहाल नहीं की गई तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।

वषरें से चली आ रही डोटियाल चम्पानगर देघाट देहरादून बस सेवा बंद करने से ग्रामीणों में रोडवेज परिवहन निगम के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई गांव के लोगों को सुविधाएं मिल रही थी। कहा कि इस रूट पर प्रत्येक दिन लोग आवाजाही करते हैं। बस सेवा न होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनसेवी संगठन तल्ला चौकोट के अध्यक्ष प्रताप सिंह मियां, प्रधान गोविंद सिंह, भवानी देवी, मोहनी देवी, मंजू देवी, निर्मला देवी, कमला देवी, गोपाल सिंह, श्याम सिंह, सुनील घुघत्याल, भगत सिंह व जमन सिंह आदि ने परिवहन मंत्री, विधायक व प्रबंधक उत्त्तराखंड परिवहन निगम को ज्ञापन भेज शीघ्र बस सेवा बहाल करने की मांग की है। दो टूक चेतावनी दी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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ये क्षेत्र हो रहे प्रभावित

बस सेवा बंद होने से बाजखेत, नैल, कमान, गडसारी, चिचौन, मटेला, एराड़ी, तोकबुआनी, बनसारी ढीका, पैठाना, महरोली, धनेटा, मल्ली महरोली, पिपलखाल, भाकूड़ा, वलमरा, तामाठौन व देघाट आदि।

Posted By: Jagran