संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : जिले में भारत संचार निगम की बेहतर कनेक्टिविटी न मिल पाने के कारण अब सैकड़ों की संख्या में खोले गए कॉमन सर्विस सेंटरों की सेवाओं पर भी इसका असर दिखने लगा है। हालत इतनी खराब हो गई है कि कनेक्टिवटी न मिल पाने के कारण लोगों के जरूरी प्रमाण पत्र बनने बंद हो गए हैं और लोगों को कई किमी दूर जाकर प्रमाण पत्र बनवाने पड़ रहे हैं।

कॉमन सर्विस सेंटर की शुरूआत वर्ष 2006 से शुरू की गई थी। वर्तमान में यह योजना डिजिटल इंडिया की 31 मिशन मोड परियोजनाओं में एक है। इस योजना के पीछे उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को लोगों को आसानी से उपलब्ध कराना और रोजगार पैदा करने के लिए ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करना था। इस योजना के तहत अल्मोड़ा जिले के 11 ब्लॉकों में करीब 173 कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए थे। जिनके माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने, सेवायोजन विभाग में नाम दर्ज कराने समेत अनेक सुविधाएं अपने ही इलाके में उपलब्ध हो रही थी, लेकिन वर्तमान में इन कॉमन र्सिवस सेंटरों की हालत काफी खराब है। बीएसएनएल की कनेक्टिविटी न मिल पाने के कारण दूरदराज के कॉमन सर्विस सेंटरों में काम प्रभावित हो रहा है। जिस कारण युवाओं को छोटे छोटे कार्यों के लिए दूरस्थ नगरों के सीएचसी सेंटरों या फिर सरकारी दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। ========= क्या आ रही है दिक्कत

अल्मोड़ा : घाटे से जूझ रहे बीएसएनएल ने अपने अधिकांश दूरभाष केंद्रों को या तो बंद कर दिया है। या फिर काíमकों की कमी और बिजली का भुगतान न दूरभाष केंद्रों के बंद होने के कारण लोगों को इंटरनेट कनेक्टिवटी नहीं मिल पा रही है। जिस कारण सीएससी सेंटरों में ऑनलाइन होने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ======== सीएससी खोलने के पीछे क्या थी मंशा

= ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना।

= निजी क्षेत्र को सेवाएं प्रदान करना।

= सामुदायिक जरूरतों को महत्व दिया जाना।

= ग्रामीण भारत का विकास और वहां के लोगों को आजीविका प्रदान करना।

= सरकारी और गैर सरकारी कार्यों के लिए एजेंट के रूप में कार्य करने की पेशकश करना।

= सरकार से नागरिक और बिजनेस से नागरिक सेवाएं प्रदान करना। ========== जिले में कहां कितने सर्विस सेंटर

भैंसियाछाना - 16

भिकियासैंण - 08

चौखुटिया - 10

धौलादेवी - 13

द्वाराहाट - 23

हवालबाग - 33

लमगड़ा - 12

सल्ट - 05

स्याल्दे -09

ताकुला - 15

ताड़ीखेत - 19 =========== कुछ अन्य कंपनियों द्वारा हमारी लाइनों को नुकसान पहुंचाने के कारण कुछ जगह दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी किसी ना किसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं को कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। लाइनों को नुकसान पहुंचाने वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। -एके गुप्ता, महाप्रबंधक भारत संचार निगम लिमिटेड

Posted By: Jagran

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