संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा: जिला अस्पताल में एक बार फिर एंटी रैबीज वैक्सीन समाप्त हो गई हैं। कुत्तों व बंदरों के काटने से घायल मरीजों को अस्पताल के अलावा बाजार में भी यह वैक्सीन नहीं मिल पा रही हैं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बुधवार को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए आधा दर्जन से अधिक मरीज अस्पताल में पहुंचे। लेकिन अस्पताल में वैक्सीन नहीं होने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे पूर्व भी 21 जून को जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन समाप्त होने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारी को देहरादून भेजकर 50 एंटी रेबीज वैक्सीन मंगाए थे। जो 28 जून को अस्पताल में उपलब्ध हो सके। इस बीच भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगाए गए यह वैक्सीन कुछ ही दिनों तक लोगों को मिल पाई। एक बार फिर जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वेक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया। वहीं बाजार में भी यह वेक्सीन लोगों को नहीं मिल पा रही है।

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तीन माह में 423 लोग पहुचे अस्पताल

अल्मोड़ा। मई माह में कुत्ते के काटने से 144 लोग और बंद के काटने से 30 लोग व बिल्ली के काटने के 4 लोग घायल हुए थे। वहीं जून माह की बात करें तो कुत्ते के काटने के 141 लोग और बंदर के काटने के 27 तथा बिल्ली व तेंदुए के काटने के 5 मामले सामने आए थे। वहीं वर्तमान जुलाई माह में अब तक कुत्ते के काटने के 53 व बंदर के काटने के 14 मामले अस्पताल में पहुंचे है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का स्टॉक खत्म होने के बाद अब मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

--------------------------------- कुत्ते के काटने के बाद जिला अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। बुधवार को अंतिम वैक्सीन लगानी थी लेकिन अस्पताल में वैक्सीन नहीं है। बाजार में भी देखा कहीं भी वैक्सीन नहीं मिल रही है। विभाग को इसकी व्यवस्था पहले से करानी चाहिए।

- भगवती जोशी, निवासी रानीधारा अल्मोड़ा

-------------------------- जिला अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन लगाने के लिए चौनली से आई हूं। लेकिन यहां बताया गया कि रेबीज के इंजेक्शन नहीं है। बाजार मे भी लेने गई लेकिन कहीं भी यह इंजेक्शन नहीं मिला।

- हेमा देवी, निवासी चौनली गांव

--------------------- अस्पताल में वैक्सीन का स्टाक भी खत्म हो गया है। लेकिन कहीं भी एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। निदेशालय स्तर से भी इसे मंगाने के प्रयास किए जा रहे है।

- डॉ. प्रकाश वर्मा, पीएमएस जिला अस्पताल अल्मोड़ा

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Posted By: Jagran