संस, रानीखेत : जीएसटी के प्रावधानों में संशोधन की मांग पर भारत बंद का पर्यटन नगरी में कोई असर नहीं दिखा। नगर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी प्रतिष्ठान खुले रहे। इधर व्यापारी नेताओं ने प्रावधानों में संशोधन की मांग को लेकर एक ज्ञापन संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से वित्त्त मंत्री निर्मला सीतारमण को प्रेषित किया।

शुक्रवार को जीएसटी को लेकर भारत बंद का उपमंडल में कोई असर नहीं दिखा। प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मंडल के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत व्यापारी नेता संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दीप जोशी को ज्ञापन सौंपा। इसमें एमनेस्टी स्कीम लाने, कर की दर शून्य, पांच तथा 18 प्रतिशत करने, रिवाइज्ड रिर्टन तथा सजा का प्रावधान समाप्त करने, कामन सर्विस पर दिए गए जीएसटी का इनपुट दिए जाने, सीमित क्षेत्र में बिकने वाले ब्रांडों समेत तिलहन जेल व मसालों को शून्य की श्रेणी में शामिल करने, अग्रिम प्राप्त रकम पर जीएसटी जमा करने तथा स्कूटनी का प्रावधान समाप्त करने की मांग की है। व्यापारी नेताओं ने वित्त्त मंत्री से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री डा. गिरीश वैला, दीपक पंत, महिला उपाध्यक्ष सीमा जसवाल, कामरान कुरैशी, ललित मेहरा, प्रकाश कुवार्बी व नईम खान आदि शामिल रहे।

उधर अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाइवे से सटे बेड़गाव में पेयजल संकट से ग्रामीणों का पारा चढ़ने लगा है। परेशान ग्रामीण अब आदोलन का मन बना लगे हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त न होने पर ग्रामीणों ने आदोलन की चेतावनी दी है। हाईवे से सटे गाव में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। करीब दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक जल स्त्रोत से पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। गाव के बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग महिलाएं सिर पर पानी के बर्तन रख ढोने को मजबूर है। पानी ही गाव के लोगों की दिनचर्या बन चुकी है। लगातार बिगड़ रहे हालात से अब ग्रामीणों का पारा भी चढ़ने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक और सरकार हर घर नल से जल योजना से घर-घर पानी पहुंचाने का दावा कर रही है पर पूर्व में बनी योजनाओं से ही पानी नहीं मिल पा रहा। क्षेत्रवासियों ने पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने अब आदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। स्थानीय आनंद सिंह, नंदन सिंह, राम सिंह, मोहन सिंह, हेमंती बेलवाल, रमा बेलवाल, सावित्री बेलवाल, मोहनी देवी, बचूली देवी, शाति देवी, मुन्नी देवी आदि ने गाव की उपेक्षा किए जाने का भी आरोप लगा है। दो टूक कहा है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार न हुआ तो सड़क पर उतर आदोलन शुरु कर दिया जाएगा।

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