संस, अल्मोड़ा : प्रदेश में टेलीमेडिसन सेंटर स्थापित कर पर्वतीय जिलों में चिकित्सकों की कमी दूर करने की पहल के बाद अब नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट (एनएचआइ) पहाड़ में गरीब परिवारों के बच्चों को नया जीवन देने का बीड़ा उठाया है। 'हैप्पी हार्ट' की मुहिम के तहत सीईओ एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. ओपी यादव ने दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों की निश्शुल्क ओपन हार्ट सर्जरी की अनूठी पहल की है। चमोली जिले में आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार के ऐसे ही दो नौनिहालों को दिल्ली भेजा गया। इधर, बुधवार को नगर के पपरसैली स्थित एनएचआइ से संबद्ध उत्तरायणा हास्पिटल में और रोगियों का पता लगाने को हृदय रोग शिविर लगाया जाएगा। इसमें सीईओ डा. ओपी स्वास्थ्य शिक्षा पर व्याख्यान भी देंगे।

टेलीमेडिसन के क्षेत्र में मदद के लिए हाथ बढ़ाने के साथ ही एनएचआइ के सीईओ ने पहाड़ के गरीब बच्चों के इलाज की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा को अनिवार्य किए जाने की पुरजोर वकालत करते हुए डा. ओपी यादव ने कहा कि वास्तविक गरीब परिवारों को वह निश्शुल्क उपचार देंगे। दो वर्षो में अब तक वह करीब 24 बच्चों की ओपन हार्ट सर्जरी कर चुके हैं। एनएचआइ की इस पहल से दिल्ली व अन्य बड़े अस्पतालों में आने वाले भारी-भरकम खर्च के दबाव से बचाने में मदद मिल रही है। उन्होंने लंबे अध्ययन का हवाला दे खुलासा किया कि बदलते परिवेश खासतौर पर खानपान में लापरवाही से पहाड़ में दिल में छेद के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने विद्यालयों की कैंटीन में कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय बुरांश आदि का जूस, चिप्स, कुरकुरे, समोसे, चाउमीन वगैर के स्थान पर विद्यार्थियों के लिए फल रखे जाने की भी सलाह दी। एनएचआइ के आइटी विशेषज्ञ महिपाल सिंह पिलख्वाल ने बताया कि चमोली जिले में चयनित गरीब परिवारों के दो बच्चों को मंगलवार को एनएचआइ दिल्ली भेजा गया। इसका खर्च डा. ओपी यादव उठा रहे हैं। बुधवार को ऐसे और बच्चे चिह्नित करने के मकसद से निश्शुल्क शिविर लगाया जाएगा।

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