संवाद सहयोगी, रानीखेत : कोसी घाटी में एक माह 25 दिन पूर्व दुकान से उड़ाए गए लाख रुपये के मोबाइल में से 21 सेट एक घर से चंद कदम दूर घास के स्टॉक से बरामद हुए हैं। कट्टे में छिपा कर रखे गए ये मोबाइल पुलिस ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिए हैं। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले कौन थे, शेष 11 मोबाइल सेट कहां किसको बेचे, इसका खुलासा खाकी के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है।

याद रहे अंतरजनपदीय सीमा पर खैरना बाजार में बीते 19 अक्टूबर की रात चोरों ने ललित जोशी की मोबाइल व जूते की दुकान का ताला तोड़ 32 मोबाइल सेट, 50 हजार रुपये की नगदी व जूते चप्पल उड़ा लिए थे। चोरी गए मोबाइल फोनों की कीमत करीब तीन लाख रुपये आंकी गई थी। दुकान स्वामी ने खैरना चौकी में तहरीर दे वारदात के खुलासे की मांग की थी। इधर शुक्रवार की सुबह नाटकीय ढंग से 21 मोबाइल सेट बरामद कर लिए गए। खैरना गाव की हेमा मिश्रा अपने मवेशियों के लिए घास लेने के लिए घर के पास ही खेत में गई। तभी घास के लुट्टे के बीच एक भरा कट्टा देख वह घबरा गई। उसने पड़ोसियों को बुलवाया। चौकी में भी सूचना दी गई। पुलिस कर्मियों ने कट्टे को खोल कर देखा तो उसमें 21 मोबाइल सेट छिपा कर रखे गए थे। पुलिस ने उन्हें अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।

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पुलिस की चुनौती बरकरार

दुकान से चोरी मोबाइल सेट्स की बरामदगी के बाद हालाकि खाकी अपनी पीठ थपथपा रही। मगर इतने दिन मोबाइल कहा रखे गए, दुकान में हाथ साफ करने वाले कौन थे, घर के पास घास के स्टॉक में मोबाइल से भरा कट्टा कौर छिपा गया, यह रहस्य बरकरार है।

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दुकानस्वामी ने पूरी माल बरामदगी पर दिया जोर

व्यापारी ललित जोशी के अनुसार दुकान से महंगे व सस्ते 32 मोबाइल सेट चोरी हुए थे। 50 हजार रुपये की नगदी तथा करीब सात हजार रुपये के रिचार्ज कूपन भी उड़ा लिए गए थे। मगर कट्टे में 21 मोबाइल सेट ही बरामद हुए। उसने पूरी माल बरामदगी व घटना में लिप्त चोरों की धरपकड़ की मांग उठाई है।

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'मोबाइल बरामद हो चुके हैं। अपराधियों के करीब हैं। जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा। पुलिस टीम मुस्तैदी से जुटी है।

-देवेंद्र सिंह बिष्ट, चौकी प्रभारी खैरना'

Posted By: Jagran

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