संवाद सहयोगी, चौखुटिया: सावन मास को शिव पूजन का विशेष महीना माना जाता है। पूरे महीने भर शिवालय घटे-घडि़यालों, शंखध्वनि व ओम नम: शिवाय: के स्वरों से गुंजायमान रहते हैं।

प्रात:काल से ही सभी प्रसिद्ध शिवालयों में भक्तजनों का पहुंचने का क्रम शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। इस दौरान लोगों ने मंदिरों में शंखध्वनि केबीच भोले शंकर की अराधना की एवं महिलाओं ने मनवांछित फल प्राप्ति के लिए जलाभिषेक किया। कई यजमानों ने परिवार की सुख-शांति के लिए कुल पंडितों से शिव पाठ भी कराए। स्थान-स्थान पर शिव को भोग भी लगाए गए। बाजार से लगे श्रीरतनेश्वर महादेव मंदिर फुलई, बैराठेश्वर शिव मंदिर, बबलेश्वर धाम, प्रयागेश्वर मंदिर भटकोट, त्रिवेणी शिव मंदिर रामपुर, माता श्रीलखनेश्वरी धाम व कालीगाड़ माता मंदिर समेत अन्य स्थानों पर काफी भीड़-भाड़ देखी गई।

इधर भिकियासैंण के पौराणिक शिव मंदिर वृद्ध केदार में श्रीब्रह्म महापुराण कथा महोत्सव का आयोजन शुरू हो गया है। सुबह महिलाओं ने क्षेत्र में कलश यात्रा निकाली। शाम को सभी ने आरती में सहभागिता कर चरणामृत प्रसाद ग्रहण किया।

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