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योगी ने सपा के पीडीए पर साधा निशाना, बोले- परिवार डेवलपमेंट अथारिटी बनकर रह गया है

By Sangram SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 14 Oct 2026 04:53 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एमएलसी चुनाव रैली के दौरान समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को ...और पढ़ें

HighLights

  1. सपा के 'पीडीए' को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' कहा योगी ने।

  2. राज्यसभा चुनाव में सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया।

  3. शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास पर सरकार के कार्य गिनाए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एमएलसी चुनाव की जनसभा में कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा वास्तव में परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी बनकर रह गया है। राज्यसभा चुनाव में सपा की ओर से प्रत्याशियों के चयन का जिक्र करते हुए उन्होंने पार्टी पर परिवारवाद और टिकट वितरण में पक्षपात का आरोप लगाया।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा की दस सीटों में से भाजपा ने आठ और सपा ने दो सीटें जीतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि पीडीए की बात करने वाली सपा ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के अन्य लोगों को प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया।

योगी ने रामगोपाल यादव को प्रत्याशी बनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा ने काशी, बलिया या पूर्वांचल के किसी अन्य यादव नेता को अवसर नहीं दिया। उन्होंने दूसरे प्रत्याशी के चयन को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के दो ऐसे वर्ग हैं, जो एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों समाज जागरूक प्रहरी की भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन में उन्होंने भाजपा के शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. प्रभोद मिश्रा और वाराणसी स्नातक विधान परिषद प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के समर्थन में मतदान की अपील की।

यूपी में युवाओं को रोजगार और शिक्षा के नए अवसर मिले, सपा शिक्षा की विरोधी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 60 लाख युवाओं तक टैबलेट पहुंचाए गए हैं और दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल क्रांति को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार हुआ है। योगी ने मीरजापुर, आजमगढ़, बलिया और भदोही सहित विभिन्न जिलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चिकित्सा विश्वविद्यालय और मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर शिक्षा की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने रिक्त पदों पर नियुक्तियां की हैं और सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के स्थान पर भी नई नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन करने और उन्हें अच्छे-बुरे का ज्ञान देने की अपील की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के साथ डिजिटल क्रांति के माध्यम से युवाओं को तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है। सरकार ने 60 लाख युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराए हैं और दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वाराणसी खंड शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, विश्वविद्यालयों की स्थापना और प्रदेश में निवेश के माहौल का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर शिक्षा की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।

युवाओं को तकनीक और कौशल से जोड़ने पर जोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित किया गया है। डिजिटल माध्यमों से युवाओं की क्षमता बढ़ाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष युवा नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सक्षम बनाना भी है।

मुख्यमंत्री ने रोजगार और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भी युवाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए पहल की है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने में मदद मिली है।

जिलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। पहले कई जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर विश्वविद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को अपने जिले और आसपास के क्षेत्रों में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने भदोही में विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। बलिया में भी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास की दिशा में काम किया गया है।

योगी ने कहा कि लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चिकित्सा विश्वविद्यालय और मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के लिए सरकारी सहायता का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन संस्थानों से उच्च शिक्षा, चिकित्सा और खेल के क्षेत्र में विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे।

भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा और इंडियन नॉलेज सिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालयों में विशेष पीठों की स्थापना की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और जीवन के प्रति सही दृष्टिकोण देना भी है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने समाजवादी पार्टी को शिक्षा के प्रति उदासीन बताते हुए कहा कि आज युवाओं और शिक्षकों के विषय में उपदेश देने से पहले उसे अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए।

शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 1.60 लाख शिक्षक पद रिक्त थे। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन पदों पर नियुक्तियां कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त होने वाले पदों पर भी नई नियुक्तियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक का सम्मान इसलिए करता है, क्योंकि शिक्षक उसे सही और गलत का ज्ञान कराते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन करने और उनमें ज्ञान, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच विकसित करने की अपील की।

कानून-व्यवस्था और निवेश का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, अराजकता और माफिया के प्रभाव से जुड़ी हुई थी, जबकि अब प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। उनके अनुसार, सुरक्षित वातावरण निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए जरूरी है।

उन्होंने काशी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उसके बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को उन्होंने काशी में हुए बदलाव का उदाहरण बताया।

शिक्षक-स्नातक मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन की अपील

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने शिक्षक और स्नातक समाज को जागरूक वर्ग बताते हुए कहा कि दोनों समाज के मार्गदर्शन और दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भाजपा के शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. प्रभोद मिश्रा और वाराणसी स्नातक विधान परिषद प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के समर्थन में मतदान की अपील की।

इससे पहले प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी सम्मेलन को संबोधित किया था। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा के क्षेत्रीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-स्नातक मतदाता उपस्थित रहे।