यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Yogi 2.0 Cabinet : बलिया से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रादेशिक महामंत्री दानिश आजाद अंसारी बने राज्यमंत्री
UP Yogi Adityanath Cabinet 2.0 Latest News पूर्वांचल में बलिया जिले से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रादेशिक महामंत्री हैं। भाजपा ...और पढ़ें

बलिया, जागरण संवाददाता। दानिश आजाद अंसारी समीपवर्ती ग्राम अपायल के रहने वाले हैं। उनके दादाजी मोहम्मद ताहा अंसारी जूनियर हाई स्कूल सुखपुरा में शिक्षक रहे। इनके दादा जी की शिक्षक समुदाय और छात्रों में काफी प्रतिष्ठा थी। अपने जमाने के वह योग्य शिक्षक में शुमार होते थे। दानिश आजाद अंसारी योगी सरकार में राज्यमंत्री बनाए गए हैं।
शाम 5.05 बजे उन्होंने इकाना स्टेडियम लखनऊ में शपथ ली तो उनके जिले में में समर्थकों में खूब उत्साह नजर आया। बलिया जिले के वह दूसरे मंत्री हैं, उनके अलावा दयाशंकर सिंह को भी राज्यमंत्री का पद योगी सरकार में दिया गया है। इस लिहाज से बलिया जिले से दो मंत्री योगी सरकार में शामिल किए गए हैं। दो मंत्रियों के योगी सरकार में शामिल होने की वजह से वाराणसी के अलावा पूर्वांचल में बलिया जिला ही है जहां से दो या अधिक लोग मंत्री बनाए गए हैं।
दादा जी का ही कुछ असर दानिश आजाद पर भी पड़ा है। उनके अब्बा समीउल्लाह अंसारी बलिया में ही रहते थे।दानिश की परवरिश भी बलिया और अपायल में हुई। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने बलिया से किया।उसके बाद वह लखनऊ चले गए। 2006 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद यहीं से वह मास्टर ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट,मास्टर आफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की है।
जनवरी 2011 में भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए। यहीं से दानिश के आजाद ख्यालात लखनऊ विश्वविद्यालय में गूंजने लगे। दानिश ने खुलकर एबीवीपी के साथ-साथ भाजपा और आरएसएस के लिए युवाओं के बीच माहौल बनाया खासतौर से मुस्लिम युवाओं के बीच काफी कार्य किया है।
दानिश अपने पिता के इकलौते संतान हैं, उनकी शादी हो चुकी है। दानिश की उम्र मात्र 32 साल ही है। अभी तक इन्हें कोई संतान नहीं है। इनकी एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। उनके पिताजी और माताजी हज करने गए हैं। अभी वह भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रादेशिक महामंत्री हैं। योगी सरकार में मोहसिन रजा की जगह मुस्लिम मंत्री बने दानिश आजाद अंसारी केवल मुस्लिम चेहरा नहीं। बल्कि वह उस पसमांदा यानी पिछड़े मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि हैं, जो एक अर्से से अपनी अनदेखी की आवाज प्रदेश में उठाता रहा है।
