वाराणसी, जेएनएन। यूपी बोर्ड के इंटर भौतिक विज्ञान के पेपर में पांच अंक का सवाल गलत पूछा गया था। इसे हल करने में तमाम परीक्षार्थी उलझ गए। अंतत: सवाल हल नहीं कर सके। गुरुवार को द्वितीय पाली में 12वीं की बहीखाता तथा लेखाशास्त्र, भूगोल व भौतिक विज्ञान की परीक्षा थी। इंटर के कई परीक्षार्थियों को फिजिक्स तो कुछ को बहीखाता से छकाया। परीक्षार्थियों का कहना था भौतिक विज्ञान का पेपर काफी लंबा था। न्यूमेरिकल हल करने में समय अधिक लग गए। एक अंक के बहुविकल्पीय व पांच अंक के कुछ सवाल कठिन थे। इन्हें हल करने के चक्कर में कई परीक्षार्थियों के दो से पांच अंक तक के सवाल छूट गए। परीक्षार्थियों का कहना है कि भौतिक विज्ञान (कोड-346 एक्सवी) के पेपर में प्रश्न संख्या नौ में दो समांतर धारावाही लंबे तारों के बीच चुंबकीय बल के लिए व्यंजक प्राप्त करने को कहा गया था।

मुख्य प्रश्न था कि एक तार में पांच एम्पियर तथा दूसरे तार में 15 एम्पियर की धारा बह रही है। चित्र के अनुसार 'पी' पर चुंबकीय क्षेत्र का परिणाम व दिशा ज्ञात करना था। वहीं डायग्राम में 1.5 दर्ज था, जबकि सवाल के अनुसार डायग्राम में भी 16 एम्पियर ही होना चाहिए था। कमलाकर चौबे आदर्श सेवा इंटर कालेज के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता मनराज यादव का कहना है कि सवाल गलत था। सवाल व डायग्राम के मान में अंतर होने के कारण परीक्षार्थियों के लिए उत्तर देना संभव नहीं था। वहीं प्रथम पाली में हाईस्कूल में गृह विज्ञान व इंटर में चित्रकला, रंजन कला की परीक्षा थी। वहीं द्वितीय पाली में इंटर बहीखाता, भूगोल व भौतिक शास्त्र की परीक्षा थी। द्वितीय पाली में प्रभु नारायण राजकीय इंटर कालेज (रामनगर) के केंद्र से एक परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा गया।

केंद्राध्यक्ष ने स्वयं परीक्षार्थी को नकल करते हुए पकड़ा और तत्काल रेस्टीकेट कर दिया। वेबकास्टिंग में इंटरनेट कनेक्टिविटी का रोड़ा परीक्षा की वेबकास्टिंग में इंटरनेट कनेक्टिविटी रोड़ा बनी हुई है। दोनों पालियों की परीक्षा में कई केंद्रों की वेबकास्टिंग प्रभावित रही। कंट्रोल रूम में कहीं कैमरे का तार हिल जाने तो कुछ केंद्रों में नेट धीमा चलने की समस्या दर्ज की गई। इसे लेकर लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के फोन बनारस तक घनघनाते रहे। पर्यवेक्षक ने किया निरीक्षण बोर्ड ने प्रयागराज विज्ञान संस्थान के प्राचार्य आशुतोष द्विवेदी को बनारस की परीक्षा का पर्यवेक्षक बना कर भेजा था।

दोनों पालियों की परीक्षा में उन्होंने एक दर्जन से अधिक केंद्रों का दौरा किया। इसके अलावा राजकीय क्वींस कालेज में बने ऑनलाइन कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। डीआइओएस डा. वीपी सिंह ने सभी केंद्रों पर शुचिता पूर्वक परीक्षा होने का दावा किया है। नहीं दूर हो सकी कक्ष निरीक्षकों की कमी शिक्षा विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद कक्ष निरीक्षकों की कमी अब तक नहीं दूर हो सकी है। ग्रामीण क्षेत्र के कई केंद्रों में कक्ष निरीक्षकों की कमी रही।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस