वाराणसी, जेएनएन। दुर्मुख विनायक के बाद गुरुवार को विश्वनाथ धाम से सन्मुख विनायक और प्रमोद विनायक सहित सप्त विग्रहों को हटाया गया। हटाने से पूर्व श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह और काशी विद्वत परिषद के मंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी की उपस्थिति में विग्रहों का वैदिक विधि-विधान से पूजन किया गया। हटाए गए विग्रहों में कुंडेश्वर महादेव, दो शिव मंदिर, हनुमान मंदिर और एक सरस्वती माता मंदिर शामिल है।

विग्रहों का पूजन श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अपर कार्यपालक अधिकारी ने राजू गुरु उर्फ राजेंद्र मिश्र और टेक नारायण उपाध्याय और नीरज पांडेय के आचार्यत्व में मंदिर के 11 पुजारियों द्वारा संपन्न कराया गया। इसके बाद सभी प्रतिमाओं को गोयनका भवन में रखा गया, जहां सभी विग्रहों के सामने उनकी नाम पट्टिका लगाई गई। साथ ही दुर्मुख विनायक मंदिर के पास हवन पूजन किया गया। विद्वत परिषद के अनुरोध पर मंदिर प्रशासन ने पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी कराई है।

रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि परिचालन विधि से स्थानान्तरित किए गए सभी विग्रहों का प्रतिदिन स्नान पूजन और भोग राग भी दोनों पाली में मंदिर के अर्चको द्वारा किया जायेगा। साथ ही कहा कि धाम बनने के बाद सभी प्रतिमाओं को यथा स्थान स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए धर्मार्थ मंत्री सहित मंदिर के प्रशासनिक अधिकारियों को साधुवाद दिया।

महंत परिवार ने की विश्वनाथ मंदिर खोलने की मांग

लॉकडाउन- फोर के बाद कर्नाटक के देवालयों को खोलने की घोषणा के बाद काशी में मंदिरों को खोलने की मांग जोर पकडऩे लगी है। महंत डा. कुलपति तिवारी ने इसके लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और धर्मार्थ कार्य मंत्री से मांग की है। कहा है कि शारीरिक दूरी के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए गंगा दशहरा से बाबा दरबार के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएं। इसके लिए वो पत्र लिखेंगे। उन्होंने देश के शीर्ष नेताओं से कहा कि गंगा दशहरा के दिन गंगा अवतरित हुई थीं इसलिए लंबे समय से बंद बाबा दरबार के  कपाट आम लोगों के लिए खोलने के लिए इससे अच्छा दिन कोई और नहीं हो सकता। शारीरिक दूरी का कड़ाई से अनुपालन कराते हुए अन्य देवालयों को भी खोला जाए।

उपवास रख धार्मिक स्थल खोलने की अपील

काशी समेत देश में आमजनों के किए बंद धर्मस्थलों को फिर से खोलने के लिए गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने उपवास रखा। इसके तहत अपने घरों में उपवास रख धर्मस्थलों को खोलने की अपील की। इसमें महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पांडेय, सरिता पटेल, सीताराम केशरी, आनंद मिश्रा, रमजान अली, मनीष मोरलिया, फसाहत बाबू, राजेश गुप्ता आदि ने उपवास रखा। वहीं, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकारी प्रवासी मजदूरों की कोई मदद नहीं कर रही है। न तो भोजन मिल रहा है और नही पानी। वहीं, भाजपा के प्रवक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि देश में आपातकाल लगाने वाले लोकतंत्र को बचाने की दुहाई दे रहे हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए हर संभव मदद पर कांग्रेस राजनीति कर रही है जो निंदनीय है।

Edited By: Saurabh Chakravarty