श्री काशी विश्वनाथ धाम में शक्ति की आराधना; कलश स्थापना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ
श्री काशी विश्वनाथ धाम में शारदीय नवरात्रि महापर्व का शुभारंभ कलश स्थापना और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। इस ...और पढ़ें
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काशी विश्वनाथ धाम में शारदीय नवरात्रि महापर्व का शुभारंभ।
कलश स्थापना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से हुए।
माँ विशालाक्षी और नवदुर्गा मंदिरों को श्रृंगार सामग्री अर्पित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। शारदीय नवरात्रि महापर्व के प्रथम दिवस पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में शिव के धाम में शक्ति की उपासना के मौके पर। विधि-विधानपूर्वक कलश स्थापना कर मां भगवती की आराधना का शुभारंभ किया गया। इस पावन अवसर पर धाम में धार्मिक परंपराओं एवं वैदिक विधि-विधान के अनुरूप पूजन-अनुष्ठान संपन्न किए गए।
नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति अर्पित करते हुए सुख, समृद्धि, शांति और लोककल्याण की मंगलकामना की गई। नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से काशी की अधिष्ठात्री शक्ति स्वरूपा माँ विशालाक्षी तथा मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित नवदुर्गा मंदिरों हेतु श्रृंगार सामग्री बाबा श्री विश्वेश्वर को विधि-विधानपूर्वक अवलोकित कराने के उपरांत अर्पित की गई।
इस धार्मिक परंपरा के माध्यम से बाबा श्री विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा निवेदित करने के साथ ही माँ भगवती के विभिन्न स्वरूपों की उपासना के प्रति समर्पण व्यक्त किया गया। काशी की आध्यात्मिक महत्ता भगवान शिव एवं माँ आदिशक्ति की उपासना से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। बाबा श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में शैव एवं शाक्त परंपराओं का समन्वय सनातन धर्म की व्यापक आध्यात्मिक दृष्टि को अभिव्यक्त करता है।
शारदीय नवरात्रि का पर्व इसी आध्यात्मिक भाव को आत्मसात करते हुए शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना, साधना और उपासना का विशेष अवसर प्रदान करता है। नौ दिनों तक चलने वाला यह महापर्व श्रद्धालुओं को आत्मिक शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, संयम एवं धर्म के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के प्रथम दिवस पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान काशी की सनातन सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मंदिर न्यास की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं। ऐसे आयोजन श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक आस्थाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करने के साथ ही काशी की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। माँ भगवती की आराधना के इस पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की गई।
