विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूरोपीय देशों के यात्रियों को लेकर 28 अक्‍टूबर को काशी आएगा दुन‍िया का सबसे लंबा र‍िवर क्रूज

By Jashwant SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 05:49 PM (IST)

दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज 'गंगा विलास' 15 विदेशी यात्रियों के साथ 28 अक्टूबर को काशी पहुंचेगा। यह क्रूज ...और पढ़ें

दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज गंगा विलास 28 अक्टूबर को काशी पहुंचेगा।

दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज गंगा विलास 28 अक्टूबर को काशी पहुंचेगा।

HighLights

  1. 15 विदेशी यात्रियों को लेकर काशी आ रहा गंगा विलास क्रूज।

  2. क्रूज में पांच सितारा होटल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

  3. यात्री काशी, सारनाथ, चुनार किला और बिहार के स्थल घूमेंगे।

जागरण संवाददाता (रामनगर) वाराणसी। भारत मे निर्मित दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज 15 विदेशी यात्रियों को लेकर 28 अक्टूबर को काशी पहुचेगा । बीते 12 अक्टूबर को कोलकत्ता से चला गंगा विलास मंगलवार शाम पटना पहुंच गया है जिसे पटना स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल के समीप मितन घाट पर रोका गया है।

आईडब्लूएआई के निदेशक अरविंद कुमार ने बताया क‍ि राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक मे यात्री व मालवाहक जहाजो का परिचालन बढ़ा है गंगा विलास क्रूज पहली बार जनवरी 2023 में 36 विदेशी यात्रियों को लेकर रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल आया था यह दूसरा मौका होगा जब गंगा विलास काशी आएगा।

पांच सितारा होटल जैसी सुविधाओ के साथ ही इसमे 50 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था,आधुनिक जिम,रेस्टोरेंट के साथ ही छत से गंगा किनारे का दृश्य देखने की सुविधा है। गुरुवार को यह क्रूज यात्रियों को लेकर काशी के लिए निकल चुका है जो 28 अक्टूबर को काशी पहुंचेगा।

यहां पहुंचने के बाद विदेशी यात्री गंगा आरती, काशी विश्वनाथ दर्शन के साथ ही सारनाथ भी घूमेंगे। इसके साथ ही यात्री चुनार का किला और उसके ऐतिहासिक महत्त्व को भी जानेंगे। यात्रियों का दल इसी क्रूज से वापसी करेगा लौटते समय यात्रियों का दल बिहार के सांस्कृतिक, धार्मिक व पर्यटक स्थलों का भर्मण करेगा।

गंगा विलास पिछली बार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल और आसाम होते हुए गंगा में विकसित जलमार्ग के रास्ते डिब्रूगढ़ व बांग्लादेश तक 3200 किलोमीटर की यात्रा करने वाला नदियों में विश्व का अधिकतम दूरी तय करने पहला क्रूज बना था ज्ञात हो कि अगस्त माह में विदेशी यात्रियों को लेकर कलकत्ता से चला राजमहल क्रूज गंगा में जलस्तर ज्यादा होने के कारण भागलपुर से लौट गया था।