जागरण संवाददाता, वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दूसरे दिन गुरुवार को भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। पांच माह के बकाया मानदेय की मांग को लेकर आउटसोर्सिग कर्मचारी पूरे दिन केंद्रीय कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे रहे। इस दौरान एजेंसी के कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

दरअसल, आउटसोर्सिग के तहत 112 कर्मचारी विश्वविद्यालय में सफाई, माली, जेनरेटर आपरेटर, बिजली मिस्त्री का कार्य कर रहे हैं। मैनपावर आपूर्ति करने वाली एजेंसी को केंद्र सरकार ने काली सूची में डाल दिया है। इसके चलते कर्मचारियों का भुगतान पांच माह से फंसा हुआ है।

वहीं गुरुवार को एजेंसी की एक महिला कर्मचारी ने कुलसचिव पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। कुलसचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एजेंसी कर्मियों ने कुलपति को घेर लिया था। दूसरी ओर कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी ने एजेंसी कर्मियों के आरोप खारिज करते हुए कहा कि कई संबद्ध कालेजों में अनियमित तरीके से नियुक्तियां हुई हैं। इसकी जांच से कुछ छात्र नेता बौखलाए हुए हैं। ऐसे में वे आंदोलन को हवा दे रहे हैं, ताकि कुलसचिव को हटाया जा सके।

Posted By: Jagran

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