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भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 में आठ क्षेत्रों के विजेता स्टार्टअप्स को मिला भारत इनोवेशन अवार्ड

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 04:26 PM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय "भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0" संपन्न हुआ, जिसमें आठ क्षेत्रों ...और पढ़ें

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0: आठ क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को मिला सम्मान।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0: आठ क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को मिला सम्मान।

HighLights

  1. काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 संपन्न हुआ।

  2. आठ प्रमुख क्षेत्रों के विजेता स्टार्टअप्स को 'भारत इनोवेशन अवार्ड' मिले।

  3. विशेषज्ञों ने नवाचार और उद्यमिता पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रबंध संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय "भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 - 2026" शन‍िवार को स्वतंत्रता भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान, दिनभर विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं मुख्य वक्तव्य आयोजित किए गए।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), काशी क्षेत्र के अध्यक्ष उमंग कुमार साह ने "नवाचार-आधारित विकास हेतु उद्योग-अकादमिक सहयोग" विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने उद्यमिता में निर्भीकता के महत्व पर जोर देते हुए युवा नवाचारकों से आग्रह किया कि वे तेजी से बदलते बाजार परिदृश्य को अवसर के रूप में देखें। इसके साथ ही, उन्होंने शोध और विचारों को व्यावहारिक एवं व्यापक प्रभाव में बदलने के लिए अकादमिक जगत और कॉरपोरेट क्षेत्र के बीच गहरे सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के परामर्शदाता रवि शंकर पांडेय ने "स्टार्टअप विकास हेतु सरकार-उद्योग तालमेल" विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की पहलें किस प्रकार उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रही हैं।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथिगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित हुए। इस अवसर पर प्रो. पी.वी. राजीव, प्रोफेसर-इंचार्ज एवं डायरेक्टर-इंचार्ज, एआईसी-बीएचयू भी मौजूद रहे। भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव, आईएम-बीएचयू के अध्यक्ष डॉ. रविकिरण प्रभाकर ने दो दिवसीय कार्यक्रम का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें भागीदारी के व्यापक स्तर एवं विभिन्न क्षेत्रीय ट्रैक्स में प्रदर्शित नवाचारों की गुणवत्ता को रेखांकित किया गया।

इसके बाद, कार्यक्रम के सबसे महत्वपूर्ण भाग में मुख्य अतिथि और मंच पर उपस्थित गणमान्यजनों ने सभी आठ क्षेत्रीय ट्रैक्स — मेडिकल टेक्नोलॉजी, सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, लीन टेक, एडटेक, एग्री टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म एंड कल्चर, तथा इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड साइबर सिक्योरिटी — के विजेता स्टार्टअप्स को "भारत इनोवेशन अवार्ड" प्रदान किया।

तत्पश्चात, तीन विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन दिए। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के परामर्शदाता रवि शंकर पांडेय ने "उद्यमिता एवं नवाचार को प्रोत्साहन" विषय पर विचार साझा किए। बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सोमनाथ घड़ेई ने "उद्यमशीलता के अवसर" पर अपने विचार प्रस्तुत किए। बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉ. दीपक गौतम ने "स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्यमिता" विषय पर अपने विचार रखे।

मुख्य अतिथि, विशाल सारस्वत (आईडीईएस), सीईओ, छावनी परिषद, वाराणसी ने संबोधित किया। समापन भाषण प्रबंध संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर आशीष बाजपेई द्वारा दिया गया। इसके पश्चात प्रबंध संस्थान के डीन प्रोफेसर सुजीत कुमार दुबे ने "विश्वविद्यालय के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना" विषय पर संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन एआईसी-बीएचयू के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. नंदलाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम की औपचारिक समाप्ति राष्ट्रगान के साथ हुई।

दो दिवसीय भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 - 2026 का समापन समारोह एक भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन रहा, जिसमें आठ प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय नवाचार प्रस्तुत करने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित इस मंच ने विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने तथा एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं नवाचार-आधारित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।