जागरण संवाददाता, वाराणसी : दैनिक जागरण और सुबह-ए-बनारस के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित शाम-ए-जलदान में लोगों ने जल संरक्षण के लिए व्यक्तिगत जागरूकता पर विशेष जोर दिया। इसमें लोगों ने बारीकी से समझा कि जिस हिसाब से भूजल का दोहन हो रहा है, उसके सापेक्ष शहर को ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। बढ़ती आबादी के साथ ही जल संयोजन भी उसी अनुपात में होना चाहिए।

मुख्य वक्ता राम मनोहर लोहिया पीजी कालेज भैरोतालाब की पूर्व प्राचार्य सुशीला राय ने कहा कि संपूर्ण जल का उपयोगी एक प्रतिशत हिस्सा का वितरण आसमान है। भूमिगत जल के अधिक उपयोग के कारण जलस्तर अनवरत खिसकता जा रहा है। यदि हमने जल का संयोजन और रिचार्जिंग ठीक से नहीं किया तो शहर रेगिस्तान का क्षेत्र बन जाएगा। वैश्वीकरण के इस दौर में जरूरत इस बात की है कि हम जहा खड़े हैं, वहीं जागरूक करें। हम तीन रूपों में अपव्यय रोक, जागरूक नागरिक बना व वर्षा जल के संचयन से जल संरक्षण कर सकते हैं।

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दिया जल संरक्षण का संदेश

गजलकार दीपक प्रजापति खालिस ने मुक्तक के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। सुनाया कि बगीचे, खेत, फसलें, बागवानी तू बचा ले यार। न यूं ही खत्म हो जाए कहानी तू बचा ले यार। कि इससे पहले ए इंसान तुझको देर हो जाए। संभल जा, जाग जा अब और पानी तू बचा ले यार।

Posted By: Jagran