वाराणसी, जेएनएन। गुरुवार की रात से ही लगातार तेज बारिश हो रही है। शुक्रवार को शाम चार बजे तक यह बारिश होती रही। फिर आधी रात के बाद से शुरू हो गई और शनिवार दोपहर तक बारिश होती रही। करीब 100 मिमी बारिश हो गई है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले कुछ दिनों में और तेज बारिश की भविष्यवाणी की है।

शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटे में 93.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वैसे इसके बाद भी तेज बारिश हुई। हालांकि गंगा के जल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार की शाम छह बजे जहां वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.23 मीटर था वहीं शनिवार को 70.7 मीटर पर आ गया।  

टूटा 11 साल का रिकार्ड, सितंबर में 407 मिमी वर्षा

गंगा व वरुणा में आई बाढ़ के कहर से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि लगातार हो रही बारिश ने आम नागरिकों की मुसीबत बढ़ा दी। शहर से लेकर गांव तक दर्जनभर से अधिक घर ढह गए। वहीं लगातार 20 घंटों से हो रही  बारिश से 11 साल में सबसे अधिक बरसात का रिकार्ड भी तोड़ दिया है।

मौसम विभाग के 2008 से अब तक के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सितंबर माह में इस साल सबसे अधिक 406.7 मिमी बारिश हुई। इससे पहले 2011 में 319.93 मिमी बारिश हुई थी। वहीं अगर पूरे एक साल की बात की जाएं तो वर्ष 2011 में ही सबसे अधिक 1073.46 मिमी बरसात हुई, जबकि इस साल 27 सितंबर की शाम साढ़े पांच बजे तक ही  988.4 मिमी बारिश हो गई थी। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने आगे दो-तीन दिनों तक और अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। ऐसे में 2011 का एक साल में सबसे अधिक बारिश होने के आंकड़े की जल्द ही टूटने की संभावना जताई गई है।

सामान्य से दोगुनी सितंबर की बारिश

सितंबर माह में सामान्य तौर पर 224 से 228 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार करीब दोगुनी बारिश हो गई है। वैसे इस माह में अभी तीन दिन बाकी है। प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी से काफी मात्रा में नमी आ रही है। इसके कारण काशी के साथ पूरे पूर्वांचल में बारिश हो रही है।

सबसे लंबा स्पेल

प्रो. पांडेय ने बताया कि काफी समय बाद लंबे स्पेल यानी लगातार 24 घंटे बारिश हुई। गनीमत रही कि बहुत तेज बारिश नहीं हुई। वरना लगातार इतने समय तक तेज बारिश होने के बाद हाहाकार मच गया होता।

कल से तेज बारिश का अनुमान

प्रो. पांडेय ने बताया कि अगर बंगाल की खाड़ी से ऐसे ही नमी आती रही तो अगले माह दो-तीन अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। इसी बीच रविवार से तेज बारिश होने का भी अनुमान है।

ठंड जैसा तापमान

वर्षों बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि अधिकतम तापमान 25 डिग्री के पास आ गया है। सामान्य तौर गर्मी के दिनों में न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री के ऊपर रहता है। वहीं लगातार कई दिनों से धूप नहीं होने एवं बारिश होने के कारण शनिवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री वे न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री पर आ गया। यही कारण है ठंडक भी बढ़ गई है।

पानी-पानी हुआ शहर

गुरुवार दिन में बारिश होने के बाद कुछ घंटों के लिए थम गई। लेकिन, देर रात से जो बारिश शुरू हुई तो वह सुबह ग्यारह बजे तक होती रही। कई घंटे हुई बारिश से शहर पूरी तरह से बजबजा उठा। वहीं बाढग़्रस्त इलाकों में पसरी गंदगी और भयावह हो गई। गनीमत रही कि प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल बंद हो गए। बावजूद इसके कई स्थानों पर जलजमाव से लोग जूझते नजर आए। सबसे बुरी स्थिति सामनेघाट, रवींद्रपुरी, अंधरापुल, टेलीफोन कालोनी तिराहा चंदुआ, गिरजाघर, गोदौलिया व भदऊ चुंगी की रही।

सितंबर माह की बारिश

वर्ष      बारिश (मिमी में)

2008      30.35

2009     171.57

2010     142.14

2011     319.93

2012     207.92

2013     72.27

2014     76.01

2015     14.95

2016     185.05

2017     88.49

2018     180.05

2019     406.80

(शुक्रवार शाम 5.30 बजे तक) 

पिछले 10 वर्षों में बारिश

वर्ष      बारिश (मिमी में)

2008      760.07

2009     472.23

2010     666.02

2011     1073.46

2012     841.45

2013     870.13

2014     769.49

2015     750.48

2016     953.13

2017     628.84

2018     760.89

2019     988.4

(शुक्रवार शाम 5.30 बजे तक) 

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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