वाराणसी सहित पूर्वांचल में बदलने जा रहा है मौसम, चल सकतीं तेज हवाएं, आ सकते बादल, बारिश भी संभव
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के प्रभाव से पूर्वांचल और वाराणसी में मौसम बदलने वाला है। अगले कुछ ...और पढ़ें

पूर्वांचल और वाराणसी में चक्रवाती तूफान का असर, तेज हवाएं और बारिश संभव।
HighLights
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान का प्रभाव दिखेगा।
पूर्वांचल और वाराणसी में तीन-चार दिन तक बारिश की संभावना।
तापमान में 5-8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मानसून के चला चली की बेला में तीन-चार दिन तक बरखा-बुन्नी का माहौल बन सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब का प्रभाव गुरुवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी दिख सकता है। सतह पर तेज हवाएं चलेंगी जबकि शुक्रवार से अगले दो दिनों तक वर्षा भी हो सकती है। इससे तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी 24-48 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ भाग से मानसून वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाएंगी। लेकिन इसी बीच पश्चिम-मध्य एवं संलग्न उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर अवस्थित अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ते हुए मंगलवार की रात गहन अवदाब में बदल गया है। जिसके 23 सितंबर की रात को विशाखापत्तनम एवं गोपालपुर के मध्य उत्तरी आंध्रप्रदेश-दक्षिणी उड़ीसा तट को पार करने की संभावना है।
इससे प्रदेश में वर्षा का वातावरण बन सकता है। 24-27 सितंबर के दौरान पूर्वांचल में तेज सतही हवाएं चलेंगी तथा 25-27 सितंबर के दौरान प्रदेश में भारी वर्षा हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान में 5-8 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चक्रवाती तूफान का प्रभाव इधर भी तीन-चार दिनों तक रह सकता है।
इसके चलते कहीं ज्यादा तो कहीं कम वर्षा भी होगी। मंगलवार को तीखी धूप और भीषण उमस भरी गर्मी के बीच अधिकतम तापमान तो 35 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना रहा लेकिन न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बीच 91 प्रतिशत तक आर्द्रता बनी रही।
