वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है, पारा भी सामान्‍य से दो डिग्री अधिक होने से मौसम काफी तल्‍खी भरा साबित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर मानसून भी लगभग दस दिन तक पीछे चल रहा है। ऐसे में पूर्वांचल में मानसूनी सक्रियता कम होने की संभावना के बीच चढ़ता हुआ पारा भी लोगाें को दुश्‍वारी दे रहा है। दिन चढ़ते ही गर्म हवाओं के झोंके से लोग तपन महसूस कर रहे हैं। गर्मी का आलम यह है कि दोपहर में सड़कों पर भी कम ही लोगाें की आवाजाही हो रही है। वहीं कोल्‍ड ड्रिंक और लस्‍सी की दुकानों पर दिन भर लोगाें की भीड़ देखी जा सकती है। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री अधिक था। वहीं न्‍यूनतम पारा 30.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्‍य से तीन डिग्री अधिक रहा। इस वजह से सुबह और शाम के तापमान में तीन डिग्री अधिक की बढोत्‍तरी होने से लोगाें को पसीने पसीने होना पड़ रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश दूर होने की वजह से पारा चढ़ा है, आने वाले दिनाें में गर्मी का असर पूर्ववत रहेगा। हालांकि पहाड़ों पर होने वाली बारिश का असर असर पूर्वांचल तक आने की वजह से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत अस्‍थाई ही होगी। 

मानसून ने पूर्वांचल से बनायी दूरी :  पूर्वांचल में अमूमन 15 जून के आसपास सोनभद्र जिले से मानसून अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। मगर इस बार मानसून अभी तक अपने तय समय से करीब दस दिन तक पीछे चल रहा है। अगर मानसून ने अपनी सक्रिय गति नहीं पकड़ी तो पूर्वांचल तक आते आते माह का आखिरी सप्‍ताह भी लग सकता है। अभी यह स्थिति रही तो पूर्वांचल में 25 जून तक मानसून की आमद हो सकती है ऐसे में मानसूनी सक्रियता कम रहने से खरीफ का उत्‍पादन भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इससे जायद की फसल और सब्जियों की खेती प्रभावित हो रही है।  

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Posted By: Abhishek Sharma