जौनपुर, जेएनएन। आतंकी हमला झेल चुके जौनपुर जिले को एक बार फ‍िर से आतंकी हमले की धमकी मिली है। इस बार पुलिस को ही सीधे आतंकी हमले की धमकी फोन से दी गई है। कोतवाल के सीयूजी नंबर पर आये फोन पर धमकी भरे लहजे में गया कि जामा मस्जिद और नगर कोतवाली को बम से उड़ा दिया जायेगा। गुरुवार की देररात फोन पर धमकी मिली तो महकमा सक्रिय हो गया। जांच में पता चला कि यह धमकी भरी यह काल पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद जिले से आयी है। हालांकि पुलिस अभी धमकी देने वाले तक नहीं पहुंच पायी है।

होली सकुशल बीतने के बाद पुलिस महकमा अभी राहत की सांस ले भी नहीं पाया था कि एक सप्ताह के भीतर जिले में आतंकी हमले का दूसरा फोन काल आ गया। इस बार धमकी देने वाले ने कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन किया। उसने पहले जामा मस्जिद को बम से उड़ाने की धमकी दी। यह भी चेताया कि इसके बाद नगर कोतवाली को बम लगाकर उड़ा दिया जायेगा। कहा कि शहर के ही एक सभासद के सहयोग से बम बनाया जा रहा है। फोन आया तो पुलिस टीम सक्रिय हो गयी। सर्विलांस से पता चला कि नंबर पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में एक्टिव था। धमकी के बाद नंबर बंद कर दिया गया। सीओ सुशील कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि फोन काल की जांच की जा रही है। 

एक सप्ताह में दूसरी बार धमकी 

एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को दूसरी आतंकी हमले की धमकी दी गयी है। इसके पहले गत सात मार्च को भी ऐसी ही काल आयी थी। फोन करने वाले ने धमकी देते हुए कहा था कि उसने अटाला मस्जिद में बम फिट कर दिया है। अब वह इसे उड़ा देगा। इसके अलावा वह मोहम्मद हसन पीजी कालेज को भी बम से उड़ाने की धमकी देने लगा। टीम ने खबर आला अधिकारियों को दी तो सभी सक्रिय हो गये। एक घंटे के भीतर डॉग स्क्वायड के साथ टीम मौके पर पहुंची। संदिग्ध चीज नहीं मिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। इस प्रकरण में केराकत कोतवाली क्षेत्र के किशोर का नाम सामने आया। 

हमले की धमकी कोई प्रयोग तो नहीं 

मार्च माह में होली के इर्द-गिर्द दो बार आतंकी हमले की धमकी महज संयोग है या कोई प्रयोग, इस बात से पर्दा उठना अभी बाकी है। सात मार्च को मिली धमकी में अटाला मस्जिद और एक कालेज को बम से उड़ाने की बात कही गयी थी। इसके बाद डॉग स्क्वायड से परिसर का चप्पा-चप्पा छाना गया। कुछ नहीं मिला तो जान में जान आयी। उस वक्त धमकी देने वाला किशोर जौनपुर के केराकत का था। इस बार जो धमकी दी गई है वह पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद से आयी है। पुलिस अब सशंकित है कि बार-बार मिल रही धमकी कहीं किसी बड़ी घटना के पहले का प्रयोग तो नहीं।