जागरण संवाददाता, वाराणसी। समाज व खासकर युवाओं में राष्ट्रीयता का बोध व राष्ट्रीय-नागरिक कर्तव्यों के प्रति की चेतना जगाने के लिए बीएचयू के नौजवानों ने एक बार फिर कमान संभाली है। रविवार को विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई के 15 स्वयंसेवक साइकिल से देश की राजधानी नई दिल्ली तक अपनी बात पहुंचाने लिए प्रस्थान किए। विश्वविद्यालय के महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भवन से मुख्य रक्षा अधिकारी प्रो. बीसी कापरी ने उन्हें रवाना किया।

रासेयो के कार्यक्रम समन्वयक डा. बाला लखेंद्र ने बताया कि देश की आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को याद करना और यात्रा मार्ग में पड़ने वाले विद्यालय, महाविद्यालय विश्वविद्यालय के युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के गाथाओं से रूबरू कराना है।

पूरे रास्ते होंगे विविध कार्यक्रम

यात्रा मार्ग में जहां एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, देशभक्ति गीतों का गायन किया जाएगा, वहीं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के वीर गाथाओं की चर्चा भी होगी। साइकिल यात्री स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए स्थलों का भी भ्रमण करेंगे और उससे प्रेरणा लेंगे। इस दौरान युवाओं के बीच स्वच्छ भारत निर्माण और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका विषय पर भी व्यापक चर्चा होगी और भारत को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में युवा सोच उभरकर सामने आएगी। यात्रा मार्ग में ‘भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद राष्ट्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियां और उसके समाधान’ पर ‘युवा संवाद’ का आयोजन भी होगा ताकि युवाओं में राष्ट्र के प्रति चेतना का प्रसार हो सके।

इन स्थानों से होकर गुजरेगी साइकिल यात्रा

साइकिल यात्रा गोपीगंज, प्रयागराज, कुंडा, रायबरेली, लखनऊ, काकोरी, बिठूर, कानपुर, कन्नौज, बिधूना, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, पलवल होते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थली राजघाट पहुंचेगी। वहां साइकिल यात्री राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

Edited By: Saurabh Chakravarty