वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अध्यापकों व कर्मचारियों का आंदोलन कार्यालय से कुलपति आवास तक पहुंच गया है। मंगलवार को अध्यापकों व कर्मचारियों ने कुलपति आवास के गेट के पास धरना दिया। वहीं दूसरी ओर विरोध के बीच मंगलवार से नियुक्ति भी शुरू हो गई।

पहले दिन साहित्य विभाग में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर व दो असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए करीब एक सौ अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। विरोध को देखते हुए कुलपति आवास पर बड़ी संख्या पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। इस बीच कई कर्मचारियों को कुलपति आवास जाने के लिए कर्मचारी संघ के नेताओं का विरोध झेलना पड़ा। कुल मिलाकर तमाम विरोधों के बावजूद चयन की प्रक्रिया सुबह 10.30 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक चलती रहीं। इस बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा।

एक अभ्यर्थी पर दो मिनट

अध्यापक परिषद ने विवि प्रशासन पर साक्षात्कार के नाम पर औपचारिकता पूरी करने का अरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष मिश्र व महामंत्री प्रो. शैलेश मिश्र का दावा है कि साक्षात्कार दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ जो शाम पांच बजे पूरा कर लिया। इस दौरान करीब 100 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। इस प्रकार एक अभ्यर्थी पर दो से पांच मिनट का समय दिया गया। कुछ अभ्यर्थियों से सिर्फ नाम व पिता का नाम ही पूछा गया। उन्होंने चयन समिति के एक विशेषज्ञ के पूर्व मध्यमा के प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठाया है।

छात्रों का भी धरना जारी

उधर केंद्रीय कार्यालय के समक्ष छात्रों का 18वें दिन भी धरना जारी रहा। छात्रों का एक गुट छात्रावास सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर विवेक चौबे के नेतृत्व धरने पर बैठा रहा। वहीं गणेश गिरी व जगदंबा मिश्र के नेतृत्व छात्रों का दूसरा गुट पठन-पाठन शुरू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठा रहा।

तीन विषयों में साक्षात्कार आज

भाषा विज्ञान, ज्योतिष व वेदांत विभाग में अध्यापकों के छह पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार 25 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से बुलाई गई है। तीनों विभागों में करीब 70 अभ्यर्थी बुलाए गए हैं।

Posted By: Jagran

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