वाराणसी, जेएनएन। भ्रष्टाचार के आरोप में मीरजापुर जेल में बंद निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को विजिलेंस ने सीलबंद गोपनीय चिट्ठी भेजी है। परिवहन आयुक्त (टीसी) की ओर से भेजी गई चिट्ठी को मीरजापुर आरटीओ ने कर्मचारी भेज कर जेल में बंद निलंबित एआरटीओ को थमा दी है। चिट्ठी में क्या लिखा है यह किसी को नहीं मालूम। हालांकि, उनके खिलाफ विजिलेंस भी जांच कर रही। अभी कुछ दिन पूर्व विभाग ने भी आरएस यादव को ओवरलोड ट्रकों की सूची जेल में ही उपलब्ध कराई है। इससे जाहिर हो रहा कि आरएस यादव के खिलाफ कार्रवाई की गति शासन ने तेज कर दी है। 

भ्रष्टाचार के आरोप में चंदौली जिले के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को नौ जून 2017 को जौनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर चंदौली पुलिस को सौंपा था। यादव के खिलाफ चंदौली के विभिन्न थानों में कई केस दर्ज हैं। चंदौली के तत्कालीन सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने आठ जून 2017 को सिपाही शिव बहादुर यादव और प्राइवेट चालक को ओवरलोड ट्रक से वसूली करते गिरफ्तार किया था। सीओ ने शिव बहादुर यादव के पास से 16850 रुपये बरामद किए थे। सिपाही ने बयान दिया था कि वह एआरटीओ आरएस यादव के लिए काम करता है। निलंबित एआरटीओ के खिलाफ विभागीय संग विजिलेंस और ईडी भी जांच कर रही है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच को लेकर विजिलेंस ने गोपनीय चिट्ठी परिवहन आयुक्त के माध्यम से भेजी है। परिवहन आयुक्त ने मीरजापुर के आरटीओ आरके विश्वकर्मा को तत्काल वह चिट्ठी जेल में बंद आरएस यादव को उपलब्ध कराने को कहा था। विभाग ने निलंबित करते हुए एआरटीओ आरएस यादव को कारण बताओ नोटिस जारी भेजी थी। आरएस यादव ने कहा था कि जो आरोप लगाया जा रहा उसका साक्ष्य दें। ऐसे में गत सप्ताह विभाग ने आरएस यादव को जेल में ओवरलोड ट्रकों की सूची दी। 

बोले अधिकारी : विजिलेंस की गोपनीय चिट्ठी मीरजापुर के आरटीओ ने जेल में बंद निलंबित एआरटीओ को दी है। परिवहन आयुक्त ने चिट्ठी सीधे मीरजापुर आरटीओ को भेजी है। क्या मामला है मुझे मालूम नहीं है। -लक्ष्मीकांत मिश्रा, उप परिवहन आयुक्त।  

Posted By: Abhishek Sharma

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