जागरण संवाददाता, वाराणसी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में तैयारी हो गई गई है। खासतौर पर शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में। यहां पर 100 बेड कोरोना बच्चा वार्ड तैयार किया गया है।

अगर और अधिक की जरूरत पड़ती तो यहां पर भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों को फिर से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी) अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधाएं भी बढ़ाई जाने लगी है। यहां पर 40 बेड पीडियाट्रिक व 50 बेड का अडल्ट कोरोना वार्ड तैयार किया गया है। इसके लिए एचएफएनसी व मल्टी पैरा मानिटर भी मंगाए गए हैं।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. अभिलाष वीबी ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए सात वेंटिलेटर व आठ एचएफएनसी (हाई फ्लो नजल कैनुला) मशीन मंगा ली गई है। इसके अलावा 40 मल्टी पैरा मानिटर के लिए आर्डर दिया गया है। उधर, बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल स्थित शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में 100 बेड का कोरोना बच्चा वार्ड तैयार किया गया है। इसमें 50 फीसद बेड पीकू के हैं। इसके अलावा 100 के एमसीएच विंग में भी तैयारी की गई है। यहां के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार है।

जरूरत पड़ी तो फिर से एसएसबी को खाली कराकर पूर्ण रूप से कोरोना वार्ड बनाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं पिछले दिनों बीएचयू में ही पांच मेडिकल के छात्रों के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद सतर्कत और बढ़ा दी गई है। सर सुंदरलाल अस्पताल, बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि पांच एमबीबीएस के छात्र कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद जांच तेज करा दी गई है। जरूरत पड़ी तो अन्य मेडिकल छात्रों की भी कोरोना जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयार है। यहां पर तैयारी पूरी है।

Edited By: Abhishek Sharma