चंदौली, जेएनएन। तहसील नौगढ़ में तैनात लेखपाल द्वारा खसरा दिए जाने के नाम पर वसूली किए जाने का मामला कैमरे में कैद हो गया। वायरल वीडियो में लेखपाल को रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है। शनिवार की सायं काल उप जिलाधिकारी डॉ अतुल गुप्ता ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है।

मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। बताया जाता है कि चकरघट्टा गांव के हल्का लेखपाल का खसरा दिए जाने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ है। लेखपाल का रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने पर तहसील कर्मियों के साथ लेखपालों में हड़कंप मच गया है। तहसील क्षेत्र के बरवाडीह गांव के किसानों को बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड फसली ऋण का लोन लेने के लिए खसरा लगाना था , जमीन के कागजात की हैसियत के अनुसार बैंक लोन देता है।चकरघटृटा थाना क्षेत्र में तैनात हल्का लेखपाल राजीव सिंह को बजरडीहा, चकरघट्टा और बरवाडीह गांव का प्रभार दिया गया। शुक्रवार को तहसील परिसर में ही लेखपाल के द्वारा रिश्वत लेकर इसे लीगल वैधानिक शुल्क बताया जा रहा है। जबकि निर्धारित शुल्क केवल दो रुपये है।

राजकुमार पाल नामक युवक के द्वारा विरोध करने और अपने को गांव का प्रधान बताने पर भी वह इसे शासन द्वारा निर्धारित शुल्क बताता है। लेखपाल की कार्यर्शली से परेशान होकर बरवाडीह गांव के प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल ने कार के बोनट पर खसरा प्रपत्र पर दस्तखत कर रहे लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही नौगढ़ तहसील के लेखपालों के साथ अन्य तहसील कर्मियों में खलबली मच गई।आरोपी लेखपाल का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। जबकि प्रथम दृष्टया रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद उप जिला अधिकारी ने शनिवार देर शाम लेखपाल को निलंबित कर दिया है।

Edited By: Abhishek Sharma