प्रदेश के 1565 पीएम श्री विद्यालयों में विकसित होंगे वेजिटेबल और हर्बल गार्डन, प्रति स्कूल मिलेंगे 20 हजार रुपये
प्रदेश के 1565 पीएम श्री विद्यालयों में 'वेजिटेबल, मेडिकल और किचन गार्डन' स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए प्रति विद्यालय 20 ...और पढ़ें

पीएम श्री विद्यालयों में बनेंगे हरित परिसर, बच्चों को मिलेगा प्रकृति से जुड़ने का मौका।
HighLights
1565 पीएम श्री विद्यालयों में वेजिटेबल और हर्बल गार्डन स्थापित होंगे।
प्रत्येक विद्यालय को गार्डन विकास हेतु 20 हजार रुपये की स्वीकृति।
बच्चों को प्रकृति, पोषण, पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास।
संग्राम सिंह, जागरण, वाराणसी। प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों को जीवंत लर्निंग स्पेस और हरित परिसरों के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के 1565 पीएम श्री विद्यालयों में 'वेजिटेबल, मेडिकल और किचन गार्डन' की स्थापना व विकास के आदेश दिए गए हैं।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना के तहत प्रति विद्यालय 20 हजार रुपये की दर से कुल 3.13 करोड़ रुपये की स्वीकृत प्रदान की है। बनारस में 15 पीएम श्री विद्यालयों का चयन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रकृति, पोषण, औषधीय पौधों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खाद और अपशिष्ट प्रबंधन से जोड़ना है ताकि वे किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।
यह पूरा कार्य विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से कराया जाएगा। समिति की बैठक में गार्डन की लोकेशन, पौधों के चयन, अनुमानित व्यय और बच्चों की सहभागिता पर स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा। स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम, आंवला जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।
लेमनग्रास व पुदीना जैसे सुगंधित पौधों के अलावा पालक, मेथी, धनिया और मौसमी सब्जियां भी उगाई जाएंगी। स्वीकृत बजट का उपयोग भूमि की तैयारी, बीज व पौधों की खरीद, सिंचाई व्यवस्था (ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर), बाड़ निर्माण और नेम प्लेट्स लगाने में किया जाएगा। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बनारस के विद्यालयों में इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा और इसकी प्रगति रिपोर्ट तथा तस्वीरें प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी।
गार्डनिंग को क्लासरूम लर्निंग से जोड़ेंगे, बच्चे तैयार करेंगे पौधों की ग्रोथ डायरी : जिन विद्यालयों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वे प्लास्टिक बाटल्स, वर्टिकल गार्डन, टायर गार्डन, ग्रो बैग, कंटेनर, रेज्ड बेड और कार्नर हर्बल गार्डन जैसे अभिनव माडलों को अपनाया जा सकता है। गार्डनिंग को क्लासरूम लर्निंग से जोड़ते हुए बच्चे पौधों की ग्रोथ डायरी तैयार करेंगे। 'मेरा पौधा मेरी जिम्मेदारी' गतिविधि में हिस्सा लेंगे और बाल संसद के जरिए निगरानी की जाएगी।
