Vasant Panchami 2026: वसंत पंचमी महापर्व कल, भोर 2.29 बजे से पुण्य काल
वसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी, जो मां सरस्वती को समर्पित है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ...और पढ़ें

वसंत पंचमी। जागरण
HighLights
वसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।
सरस्वती पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 07:56 से दोपहर 01:59 तक।
ज्ञान और विद्या के लिए यह दिन अत्यंत शुभ।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी का मान वसंत पंचमी का है। तिथि विशेष पर विद्या, ज्ञान एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में ऋतु परिवर्तन, नवचेतना, सृजनशीलता, कला एवं बौद्धिक जागरण का प्रतीक पर्व इस वर्ष पर्व 23 जनवरी को शास्त्रीय विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा।
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ख्यात ज्योतिषाचार्य प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने ज्योतिष विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रामाणिक पंचांगों, धर्मशास्त्रीय मान्यताओं व ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार बताया कि माघ शुक्ल पंचमी तिथि का शुभारंभ 22 जनवरी की मध्यरात्रि के पश्चात 23 जनवरी की भोर 02:29 बजे होगा जो 23 जनवरी की मध्यरात्रि उपरांत 24 जनवरी की भोर 01:46 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस प्रकार यह तिथि 23 जनवरी को संपूर्ण दिवस और 24 जनवरी को भोर 01:46 बजे तक विद्यमान रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्रीय सिद्धांत ‘तिथिं समनु प्राप्त उदयं याति भास्करः’ के अनुसार चूंकि 23 जनवरी को पंचमी तिथि का सूर्योदय से संयोग बन रहा है, अतः यही दिन वसंत पंचमी पर्व व श्रीसरस्वती पूजन हेतु मुख्य रूप से मान्य रहेगा। मध्यरात्रि के उपरांत भी पंचमी तिथि शेष रहने से 24 जनवरी को सूर्योदय तक विद्यारम्भ, ज्ञान-दान, जप-तप एवं पूजनादि कर्म किए जा सकते हैं।
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प्रातः 07:56 बजे से दोपहर 01:59 तक श्रेष्ठ मुहूर्त
प्रो. शर्मा ने बताया कि ज्योतिषीय दृष्टि से इस वर्ष वसंत पंचमी पर मकर राशि में सूर्य एवं मीन राशि में चंद्रमा का संयोग, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र तथा शिव योग का विशेष प्रभाव बन रहा है जो ज्ञान, विद्या एवं बौद्धिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से 23 जनवरी 2026 को प्रातः 07:56 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक श्रीसरस्वती पूजन एवं विद्यारंभ के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त प्राप्त है।
