वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। बनारस शहर की कई खबरों ने रविवार यानी 3 जुलाई को चर्चा बटोरी जिनमें ज्ञानवापी-शृंगार गौरी प्रकरण में मुख्य याचिका पर मस्जिद पक्ष देगा दलील, पीएम के आगमन की तैयारियां परखने पहुंचे मुख्य सचिव, कैंट रेलवे स्टेशन पर जल्द दो और प्लेटफार्म, दुल्हन रास्ते में ही प्रेमी के साथ फरार, सद्गुरु के मिट्टी बचाओ अभियान को लेकर बाइकर्स पहुंचे वाराणसी आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम छह बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

मुकदमा सुनवाई योग्‍य है या नहीं, इस पर ज्ञानवापी-शृंगार गौरी प्रकरण में मुख्य याचिका पर मस्जिद पक्ष देगा दलील

ज्ञानवापी-शृंगार गौरी प्रकरण में पांच महिलाओं की ओर से दाखिल याचिका पर जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर चार जुलाई को सुनवाई होगी। पिछली तिथि पर 30 मई को दो घंटे तक चली सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से दाखिल वाद के 52 बिदुओं में से मस्जिद पक्ष के वकील अभयनाथ यादव 36 तक ही अपनी बात रख सके थे। इसके बाद अदालत ने मुकदमे की सुनवाई की अगली तारीख चार जुलाई तय कर दी थी।

पीएम के आगमन की तैयारियां परखने पहुंचे मुख्य सचिव, सावन को लेकर इंतजाम की करेंगे समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रस्तावित सात जुलाई के वाराणसी दौरे और सावन मेला के साथ ही कांवड़ यात्रा और बाबा दरबार में तैयारियों को लेकर जिले में अब तक हुई प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की समीक्षा के लिए रविवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे।

मुख्य सचिव के साथ पुलिस महानिदेशक देवेंद्र सिंह चौहान और प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण सुबह 9:30 बजे लाल बहादुर शास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंचे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा और डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान एयरपोर्ट से सीधे करखियांव स्थित निर्माणाधीन अमूल प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कार्य प्रगति के बारे में जानकारी लेने के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने के बाबत अमूल के अधिकारियों को निर्देश दिया। यहां लगभग 12 मिनट तक रहे मुख्य सचिव व डीजीपी ने पौधरोपण भी किया।

कैंट रेलवे स्टेशन पर जल्द दो और प्लेटफार्म, ट्रेनों के दबाव को देखते हुए हो रहा हर तरफ विस्तार

कैंट रेलवे स्टेशन पर जल्द दो और नए प्लेटफार्म होंगे। ये दोनों तो इस छोर से उस छोर तक होंगे ही अन्य की प्लेटफार्मों की भी लंबाई बढ़ा कर पूरे 686 मीटर कर दी जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को ट्रेनों पर चढ़ने-उतरने में सहूलियत तो होगी ही आउटर पर ट्रेनों के देर तक खड़े रहने की समस्या से भी निजात मिलेगी। यह दोनों प्लेटफार्म स्टेशन के प्लेटफार्मों नंबर नौ के समानांतर होने के बजाय पश्चिमी छोर पर लोहता को जाने वाली लाइन पर 10 और 11 नंबर के नाम से होगा।

कैंट स्टेशन पर दबाव को देखते हुए व्यापक पैमाने पर बदलाव व कार्य कराए जा रहे हैं। प्लेटफार्म खाली न रहने की स्थिति में कभी-कभी आउटर पर ट्रेनें काफी समय तक खड़ी रहती हैं। ऐसी स्थिति में प्राय: वाराणसी तक ही यात्रा करने वाले यात्री आउटर पर ही उतरने को विवश होते हैं। इससे उन्हें परेशानी तो होती ही है, बल्कि चोटिल होने का खतरनाक भी होता है। दो नए प्लेटफार्म दबाव कम करेंगे और आउटर पर ट्रेनों के लंबे समय तक खड़ी होने की समस्या भी खत्म होगी। मालगाड़ियों के लिए नौ नंबर के बगल में दो और चार-पांच नंबर के बीच से भी एक लाइन निकाली जा रही है। यह यात्री ट्रेनों के बजाय मालगाड़ियों व जरूरत पर अन्य ट्रेनों के लिए होगी।

शादी के बाद ससुराल जा रही दुल्हन रास्ते में ही प्रेमी के साथ हो गई फरार

शादी के बाद ससुराल जा रही नई-नवेली दुल्हन रास्ते में प्रेमी के संग फरार हो गई। दूल्हे ने इसकी जानकारी दुल्हन के स्वजनों को दी तो वो भी चौंक गए। पुलिस को इस मामले की जानकारी नहीं है। जंसा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती की शादी बड़ागांव थाना के बलुआ (कुड़ी) के युवक के साथ तय हुई थी।

शनिवार की रात बड़ी धूमधाम से बारात आई। शादी की के बाद सुबह विदाई हुई। दुल्हन-दूल्हे के साथ कार में सवार होकर ससुराल के लिए चली। गांव के कुछ दूर स्थिति एक पुलिया के समीप सामने से एक कार आकर दूल्हे की कार के सामने रुक गई। दुल्हन ने बताया कि कार सवार उसका रिश्तेदार है। उससे मिलने की बात कहकर गाड़ी से नीचे उतरी और दूसरी कार में बैठ गई।

सद्गुरु के मिट्टी बचाओ अभियान को लेकर बाइकर्स पहुंचे वाराणसी

मिट्टी मर रही है। मिट्टी में जैव कार्बन की मात्रा घटती जा रही है। अपनी मिट्टी को बचाने व इसमें कार्बनिक तत्वों की मात्रा को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है, वर्ना रेत में बदलती मिट्टी बांझ हो जाएगी। वर्तमान से आरंभ भविष्य की इसी चिंता को लेकर सद्गुरु जग्गी महाराज ने ‘मिट्टी बचाओ अभियान’ पूरे विश्व में आरंभ किया है।

रविवार को उनके इसी अभियान को लेकर बाइक राइडर्स काशी पहुंचे। कोयंबटूर से आए मनदीप के नेतृत्व में लगभग डेढ़ दर्जन बाइक राइडर्स लोगों को संदेश देने के लिए आइआइटी बीएचयू के लिंबडी छात्रावास से पड़ोसी जनपदों को प्रस्थान किए। ये लोग प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर होते हुए पुन: वापस वाराणसी आएंगे।

Edited By: Saurabh Chakravarty