वाराणसी पुलिस बनी मिसाल, टूटते रिश्तों को जोड़कर बचा रही परिवार; 675 लोगों को तलाक से बचाया
वाराणसी पुलिस का महिला सहायता प्रकोष्ठ पारिवारिक विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एआई जनरेटेड तस्वीर।
HighLights
महिला सहायता प्रकोष्ठ ने 675 परिवारों को टूटने से बचाया।
जनवरी से अगस्त तक 1611 पारिवारिक विवाद के मामले आए।
अवैध संबंध, मोबाइल उपयोग, शराब मुख्य विवाद कारण।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। खाकी का मतलब सिर्फ लाठी और FIR नहीं होता है। वह टूटते घरों को जोड़ने का काम भी कर रही है। महिला सहायता प्रकोष्ठ पर रोजाना पति-पत्नी के झगड़े पहुंच रहे हैं। जिसके बाद पुलिस काउंसिलिंग से उनका घर फिर से बसा रही है।
महिला अपराध शाखा की अपर पुलिस उपायुक्त नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि महिला सहायता प्रकोष्ठ में जनवरी से अगस्त तक 1611 पारिवारिक विवाद के मामले पहुंचे। 675 पारिवारिक विवादों को कई चरणों की काउंसलिंग के बाद सुलझा दिया गया। बाद में उन दंपती की तीन महीने तक निगरानी भी की गई। 537 मामले नहीं सुलझने पर उसे जिला विधिव प्राधिकरण में अंतिम प्रयास के लिए भेजा गया।
51 मामले ऐसे रहे जिनमे मुकदमा भी पंजीकृत हुआ। इस तरह से 1559 मामलों का निस्तारण किया गया और 52 मामलों में काउंसलिंग चल रही है। विवादों को सुलझाने में महिला कांस्टेबल शालिनी सिंह, अंशु पटेल, साधना पांडेय समेत कई महिला कांस्टेबलों की मुख्य भूमिका है।
कैंट क्षेत्र निवासी महिला की साल 2013 में शादी हुई। दो साल पहले पति पत्नी में दोस्तों को घर बुलाने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ जो तलाक तक पहुंच गया। मामला महिला सहायता प्रकोष्ठ में पहुंचा। एक महीने तक पति पत्नी की काउंसलिंग की गई और फिर से दोनों को एक कराया गया।
ऐसे ही एक दूसरे मामले में रामकटोरा की रहने वाले दंपती में अवैध संबंधों को लेकर बात इतना बढ़ा कि नौबत परिवार टूटने तक पहुंच गया। मामले में महिला सहायता प्रकोष्ठ ने पति की काफी काउंसलिंग की और फिर से दोनों को एक कराया। दोनों पक्षों को समझौता कराकर उन्हें घर भेज दिया।
दूसरे से अफेयर के कारण अधिक टूट रहे हैं रिश्ते
महिला सहायता प्रकोष्ठ के वाचक अमृत राज शांडिल्य कहते हैं कि पुलिस के पास पहुंचने वाले 70 प्रतिशत मामलों में दूसरा अफेयर होता है। इसमें महिला और पुरुष दोनों के अफेयर होते हैं। इसके साथ ही मोबाइल ज्यादा प्रयोग करने के मामलों में भी रिश्तों में दरार आ रही है। वहीं सास-बहू का विवाद, शराब के कारण भी दूरी बढ़ रही है।
कई मामलों में पति की कमाई कम होने पर भी पत्नी रिश्तों को तोड़ने की नौबत तक पहुंच जा रही हैं। कुछ मामलों में पति के शराब के सेवन के कारण कमाई खर्च हो जा रही है जिसका असर परिवार पर पड़ रहा है।
