वाराणसी नगर आयुक्त ने जंगमबाड़ी वार्ड 89 का किया निरीक्षण, समस्याओं के समाधान के निर्देश
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने वाराणसी के जंगमबाड़ी वार्ड 89 का निरीक्षण कर सीवर ओवरफ्लो, जलजमाव और ध्वस्त गलियों जैसी ...और पढ़ें

वाराणसी नगर आयुक्त ने जंगमबाड़ी वार्ड 89 में जनसमस्याओं का किया निरीक्षण, दिए त्वरित समाधान के निर्देश।
HighLights
नगर आयुक्त ने जंगमबाड़ी वार्ड 89 का स्थलीय निरीक्षण किया।
सीवर ओवरफ्लो, जलजमाव और ध्वस्त गलियों की समस्या देखी।
अधिकारियों को समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नगर आयुक्त वाराणसी हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को जंगमबाड़ी वार्ड 89 के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीवर ओवरफ्लो, जलजमाव, ध्वस्त गलियों और आलोक विभाग से संबंधित समस्याओं का गहन जायजा लिया। वार्ड के जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को जंगमबाड़ी, दुर्गा बाड़ी और फर्नीचर मार्केट में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और जनता को राहत दिलाने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान मंडल उपाध्यक्ष प्रभात विश्वकर्मा, राजेश दुबे, अमित पांडेय बबलू, शांतनु डे, बूथ अध्यक्ष अनुज शुक्ला, प्रवीण पाठक और अंकित तिवारी भी उपस्थित रहे।
इस निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समस्याओं का त्वरित समाधान करें और आवश्यकतानुसार संसाधनों की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सीवर ओवरफ्लो और जलजमाव की समस्या वाराणसी के कई क्षेत्रों में आम है, जिससे नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नगर आयुक्त ने इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता जताई और कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजना बनाएं और उसे लागू करें। इसके साथ ही, उन्होंने ध्वस्त गलियों के सुधार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
नगर आयुक्त ने कहा कि उनकी टीम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों में तत्परता दिखाएं और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करें। इस निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि नगर आयुक्त नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं और उन्हें हल करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
