वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से दो मंजिला मकान ढहा, मां-बेटा झुलसे; आसपास के 10 घरों को नुकसान
वाराणसी में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान हुए विस्फोट से दो मंजिला मकान ढह गया, जिसमें मां-बेटा गंभीर रूप से झुलस गए।
HighLights
अवैध पटाखा निर्माण से दो मंजिला मकान ढहा।
विस्फोट में मां-बेटा गंभीर, बेटी को मामूली चोट।
मुख्य आरोपी राजू खान पुलिस मुठभेड़ में घायल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार शाम तेज विस्फोट से करीब 30 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान ढह गया। धमाके में एक महिला 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई और उसकी स्थिति गंभीर है।
उसके 12 साल के बेटे के सिर और कलाई में चोट आई है। दोनों को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल की आइसीयू में भर्ती कराया गया है। 10 साल की बेटी को मामूली चोटें आई हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि मलबे से बड़ी मात्रा में अनार, शादी-विवाह में छोड़े जाने वाले बम के पटाखे मिले हैं।
इससे मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की पुष्टि हुई है। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने बताया कि पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट प्रभारी कांस्टेबल प्रकाश चंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। एटीएस के सीओ विपिन राय ने बताया कि पटाखे बनाने के लिए बारूद कहां से लाया गया था, इसकी जांच की जा रही है।
मुठभेड़ में आरोपी घायल
वहीं, देर रात सरायमोहना के पास पटाखा बनाने का आरोपित राजू खान ने सारनाथ पुलिस पर पीछे से फायरिंग झोंक दिया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो दाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे जख्मी हाल में मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजू खान का सारनाथ के पैगंबरपुर में लगभग 30 वर्ष पुराना मकान है। गुरुवार शाम करीब 4:50 बजे मकान से एक-दो पटाखों की आवाज आई। कुछ सेकंड बाद तीन जोरदार धमाके हुए और दो मंजिला मकान ढह गया। उस समय घर में राजू की पत्नी चांदनी बेगम, बेटा आदिल और बेटी अरीबा थे। धमाका इतना तेज था कि आसपास के 10 मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबरा कर बाहर निकल आए। सारनाथ पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आतंकी हमले की आशंका में एटीएस को भी बुला लिया गया। डीसीपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मुठभेड़ में घायल राजू खान के पास से एक तमंचा, कारतूस के दो खोखे और 170 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम एयरशो की तैयारियां परखने सारनाथ एसओ पंकज त्रिपाठी के साथ गई थी। देर रात सरायमोहना के आगे पुलिस टीम मौजूद थी कि झाड़ियों में छिपे राजू ने अचानक निकलकर गोली चला दी। राजू की चलाई गोली दारोगा अमरजीत के बुलेटप्रुफ जैकेट को छूती निकल गई।
पटाखे बनाते समय हुए धमाके में पिता की हुई थी मौत
राजू पहले सरैया में रहता था। 1991 में पटाखे बनाते समय हुए भी विस्फोट हुआ था। उस दौरान उसके पिता मतीउल्ला की मौत हो गई थी। उस घटना में राजू भी झुलस गया था।
परिवार करीब 30 वर्ष पहले पैगंबरपुर में मकान बनवाकर रहने लगा। पड़ोसी रामपोश ने बताया कि कोरोना काल में पुलिस ने राजू को पटाखों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब छह माह पहले वह जेल से छूटकर आया था।
