जागरण संवाददाता, वाराणसी : जिलाधिकारी एस राजलिंगम की अध्यक्षता में मंगलवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर स्थित सभाकक्ष में हवाई क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने हवाई अड्डा के आसपास प्लेन से पक्षियों के टकराने, रनवे तक खरगोश-कुत्ता आदि के आने की घटना पर रोक लगाने के लिए निर्देशित किया।

एयरपोर्ट की परिधि में मांस-मछली के अवशेष फेंकने पर रोक

बैठक के दौरन डीएम ने निर्देश देते हुए कहा, एयरपोर्ट के पांच किलोमीटर की परिधि में मांस-मछली की दुकानों से अवशेष खुले में फेंकने पर रोक लगाई जाए। दुकानदारों को नोटिस देकर कार्रवाई करें। इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी को हवाईअड्डा के आसपास सफाई कराने व एसडीएम पिंडरा को ग्राम प्रधान को नोटिस देने का निर्देश दिया। कहा, आवश्यकता पडऩे पर एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 व 1937 तहत कार्रवाई की जाए।

मीटिंग के दौरान हवाई अड्डा के आसपास के गांवों के लोगों द्वारा रात में पशु खुला छोडऩे की भी बात अफसरों ने रखी। जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को एक कैटल कैचर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि छुट्टा पशुओं को गोशाला तक पहुंचाया जा सके।

पक्के आवासों की ऊंचाई का होगा सर्वे, दिया जाएगा नोटिस

जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आसपास ऊंचे पेड़ों की ट्रिमिंग कराएं। पक्के आवासों के निर्माण की ऊंचाई का सर्वे कराने को कहा। साथ ही मानक से अधिक ऊंचाई वाले आवासों तोडऩे के लिए नोटिस भी जारी करने को कहा। परिसर के पार्किंग लेन को पिक एंड ड्रॉप को प्रभावी करने के साथ यात्रियों को उतारने के लिए तीन से पांच तक ही गाडिय़ां रोके जाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बैठक में हवाईअड्डा के फुल प्रूफ सुरक्षा के लिए आवश्यक सुझाव दिए। कहा कि हाइजैकिंग की स्थिति में हाइजैकर्स से निगोशिएशन करने में साइकोलाजिस्ट के साथ ट्रांस्लेटर भी होना चाहिए। बैठक में सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Edited By: Nirmal Pareek

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