इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम भरने, अपडेट और बोनस के नाम पर साइबर ठग पकड़ाए, चौंकाने वाली है गिरोह की कार्यशैली
वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

इंश्योरेंस पॉलिसी ठगी गिरोह का पर्दाफाश, वाराणसी साइबर पुलिस ने आगरा से दबोचे दो शातिर।
HighLights
इंश्योरेंस पॉलिसी ठगी गिरोह का वाराणसी साइबर पुलिस ने किया पर्दाफाश।
आगरा से गिरोह के सरगना सहित दो शातिर अपराधी गिरफ्तार हुए।
फर्जी खातों के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी करते थे।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरने, उसे अपडेट कराने और अधिक बोनस व लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने राजफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो शातिर अपराधियों को आगरा से गिरफ्तार किया है। उनके पास से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन (एक आईफोन) और 45 हजार रुपए बरामद की गई है।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह के अनुसार बीते 8 जुलाई 2026 को वाराणसी निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि अज्ञात जालसाजों ने पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर अत्यधिक बोनस दिलाने का झांसा देकर विभिन्न खातों में अलग-अलग तारीखों में कुल 11,72,190 ट्रांसफर करवा लिए।
मामले में केस दर्ज कर पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) अपूर्व पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने आगरा में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित रंजन कुमार (36) पुत्र बालेश्वर पासवान,निवासी आवास विकास कालोनी बोदला, सिकन्दरा, आगरा और देवेश प्रताप सिंह उर्फ देवेश धाकरे (42) पुत्र विमल प्रताप सिंह, निवासी महर्षिपुरम कालोनी, सिकन्दरा, आगरा है।
इस तरह देते थे घटना को अंजाम
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य रैंडमली ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनके पास पहले से कोई इंश्योरेंस पॉलिसी होती थी। ये खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी/कर्मचारी बताकर फोन करते थे और ज्यादा रिटर्न का लालच देकर झांसे में लेते थे।
इसके बाद ठगी की रकम को अपने सिंडिकेट के माध्यम से खुलवाए गए फर्जी (म्यूल) बैंक खातों में ट्रांसफर कराकर रोटेट करते थे और फिर एटीएम/कैश के जरिए निकाल लेते थे। गिरफ्तार किए गए इन आरोपितों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना आगरा में भी पूर्व से आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
