वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल में मौसम का रुख बदला हुआ है, दो दिनों तक तापमान में उबाल के बाद अब दोबारा बादलों की सक्रियता हो गई है। अरब सागर से उठे ताउ ते तूफान की वजह से पूर्वांचल ही नहीं समूचे उत्‍तर प्रदेश में बादलों की सक्रियता बनी हुई है। अरब सागर से उठे तूफान ने पूर्वांचल में जहां गर्मी से राहत दी है वहीं सघन बादलों के उत्‍तर की ओर लगातार बढ़ते रहने से आने वाले दो तीन दिनों में बारिश की भी आशंका बढ़ गई है। बादलों का बनना जारी रहा तो उत्‍तरी भारत में बादल जोरदार बारिश करा सकते हैं। हालांकि, समुद्र से मैदान की ओर आने पर बादलों की सक्रियता काफी कम हो गई है।

सोमवार की सुबह आसमान बादलों से भरा रहा, पूर्वांचल के कुछ जिलों में बूंदाबांदी से लेकर बारिश तक दर्ज की गई है। सुबह ठंडी हवाओं की कैद में वातावरण बना रहा। वाराणसी और आसपास के इलाकों में दोपहर से धूप कम हो गई और आसमान में बादल होने से उमस हो गई। जिले के आसपास भी मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख भी एक दो दिनों तक ऐसा ही बना रहेगा। इसके बाद बादलों की सक्रियता कम होती जाएगी। वहीं चक्रवातीय बादलों की विदायी के दो तीन दिनों तक मौसम का रुख सामान्‍य रहेगा लेकिन इसके बाद बादलों की सक्रियता कम होने के बाद आसमान से दोबारा आंच की बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। मानसून के आने में अब कुल 29 दिन और शेष हैं, इसके बाद सोनभद्र के रास्‍ते मानसून उत्‍तर प्रदेश में 16 जून को दाखिल होगा और बारिश कराएगा।  

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री अधिक रहा, न्‍यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 56 फीसद और न्‍यूनतम 35 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में पूरे उत्‍तर प्रदेश में अरब सागर से उठे ताउ ते तूफान का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने इन बादलों की वजह से अगले तीन दिनों तक आसमान में बादल और बूंदाबांदी की आशंका जाहिर की है।  

बनारस में ताउते चक्रवात का कोई खास असर नहीं

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि बनारस के मौसम पर ताउते चक्रवात का कोई खास असर नहीं देखा जाएगा। इस चक्रवात की मार महज छह सौ किलोमीटर तक ही सीमित रहने वाली हैं। यह जरूर है कि अभी जिस गति से बनारस में हवाएं चल रहीं  वह हल्की सी बढ़े और बादल आ सकते हैं। वर्तमान में देखे तो टाक्टे चक्रवात गुजरात होते हुए मध्य प्रदेश की सीमा तक आ चुका है।  सोमवार की सुबह केरल, कर्नाटक और गोवा में तबाही मचा चुका है। बीएचयू के माैसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार इस चक्रवात का बेहद मामूली असर बनारस और पूर्वांचल में देखा जाएगा। इससे मंगलवार या बुधवार को बहुत हल्की-फुल्की वर्षा कहीं-कहीं हो सकता है, वहीं इसके बाद यह क्षेत्र दोबारा से तेज धूप और गर्मी के साए में होगा। वहीं प्रबल संभावना है कि इसके बाद बनारस में लू या गर्म हवा चलना शुरू हो, जो कि मई के अंत तक अपना प्रचंड स्वरूप ले सकता है।