वाराणसी, जागरण संवाददाता। Uttar Pradesh Weather Update पूर्वांचल से लेकर लखनऊ तक बादलों की सक्रियता का रुख लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सप्‍ताह तब बादलों की आवाजाही का रुख बना रहना तय है। आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही का दौर बना रह सकता है। शनिवार को बरसात बीच-बीच में होती रहेगी।

पहाड़ों से होकर तिब्‍बत के रास्‍ते ठंडी और शुष्‍क हवाएं पूर्वोत्‍तर तक आ रही हैं और यह पुरवा हवाओं के साथ उत्‍तर और मध्‍य भारत तक आती हुई सैटेलाइट तस्‍वीरों में स्‍पष्‍ट हो रही हैं। नमी का स्‍तर इसी वजह से बढ़ते ही बादल बन रहे हैं और बारिश भी हो रही है।

मौसम का यह रुख लगातार दिन में उतार चढ़ाव भरा बना रहा। इसके बाद शाम होने के साथ ही बादलों की सक्रियता का दौर शुरू हुआ और बादलों ने जमकर बारिश कराई। रात भर रह रहकर हो रही मद्धम बरसात ने मौसम सुबह ठंडा ही नहीं किया बल्कि उमस से भी राहत दी। सुबह आठ बजे तक बादलों की सक्रियता बनी रहने से सूरज की रोशनी भी धरती तक नहीं पहुंच सकी।

वाराणसी में बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री कम रहा। न्‍यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री कम रहा। मंगलवार की देर रात 12 बजे तक तक 42.3 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। वहीं आर्द्रता अधिकतम 93 फीसद तो न्‍यूनतम 91 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में सुबह पूर्वांचल से लेकर मध्‍य उत्‍तर प्रदेश तक बादलों की सक्रियता का रुख बना हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले 24 घंटों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार इस पूरे सप्‍ताह बादलों की आवाजाही और बारिश की सूरत बनी रहेगी। लौटता मानसून इस सीजन में सर्वाधिक बारिश करा रहा है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही बादलों की सक्रियता के बीच धूप खिलने के बाद कुहासा सघन होकर कोहरे का रूप पूर्वांचल में लेने लगेगा। ठंडी पछुआ हवाओं का जोर अफगानिस्‍तान तक है, यह दो माह में पूर्वीं उत्‍तर प्रदेश तक असर करने लगेगा। इसी के साथ ही गुलाबी ठंडक का दौर ठंड के असर में बदल जाएगा।

Edited By: Saurabh Chakravarty