वाराणसी में निर्माणाधीन मकान के गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत, सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी जानलेवा
वाराणसी के बेलवरिया में एक निर्माणाधीन मकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 10 वर्षीय मासूम आशु ...और पढ़ें

HighLights
बेलवरिया में 10 वर्षीय आशु की गड्ढे में डूबकर मौत।
निर्माणाधीन मकान के पीछे पानी से भरा था असुरक्षित गड्ढा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवरिया में राज मिस्त्री अभय पटेल के दस वर्षीय पुत्र आशु का शव बुधवार दोपहर घर के निकट एक निर्माणाधीन मकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिला।
वह ट्यूबवेल पर नहाने गया था। न लौटने पर चिंतित स्वजन ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज से लोकेशन देखी और तलाश करते हुए गड्ढे के पास पहुंचे तो शव गड्ढे के अंदर मिला। पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यह है पूरा मामला
शिवपुर के चांदमारी पुलिस चौकी अंतर्गत बेलवरिया गांव निवासी राजमिस्त्री अभय पटेल के दो पुत्रों में बड़ा 10 वर्षीय आशु घर से सुबह आठ बजे 200 मीटर दूर स्थित ट्यूबवेल पर नहाने गया था। काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटा तो स्वजन को चिंता हुई। परिवार वाले ट्यूबवेल पर गए तो वहां आशु की की चप्पल और बनियान पड़ी थी लेकिन वह आसपास नहीं दिखा।
चिंतित परिवार वाले वापस आए और रास्ते में एक मकान में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी। इसमें वह जाता हुआ दिखाई दिया। परिवार वाले उसी रास्ते पर निकले और घर के निकट एक निर्माणाधीन मकान तक पहुंचे लेकिन पता नहीं चला। दोपहर दो बजे के करीब एक बार फिर से खोजबीन शुरू की गई।
गांव के खेत में बन रहे राजेश पटेल के निर्माणाधीन मकान के पास गए और इसके पीछे बने करीब 10 फीट गहरे और 20 फीट चौड़े पानी से भरे हुए गड्ढे में उतरकर देखा तो आशु मिल गया। उसे बाहर निकालकर दीनदयाल अस्पताल लेकर गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आशु की छोटी बहन पांच वर्षीय पूजा पटेल की एक साल पहले मौत हुई थी। परिवार वालों के अनुसार पूजा की मौत का कारण बीमारी था। परिवार वाले इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे और अब बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मां काजल बोलीं, स्कूल खुला होता तो बच जाती जान
आंसू की मां काजल ने रोते हुए कहा कि बुधवार को स्कूल में अवकाश था। इस कारण कक्षा दो में पढ़ने वाला आंसू स्कूल नहीं गया। काश स्कूल खुला होता तो मेरा बेटा स्कूल में होता। इतना कहते हुए वह अपने छोटे 5 वर्षीय बेटे अंकित पटेल को गले लगा कर रोने लगीं।
वीडीए की लापरवाही, बिना सुरक्षा के निर्माण
वाराणसी विकास प्राधिकरण की लापरवाही भी सामने आई है। क्षेत्र में अवैध निर्माण होने और निर्माण से पहले गड्ढे खोदने की शिकायत मिलने या दिखाई पड़ने पर भी कार्रवाई नहीं करते हैं। यदि समय से वीडीने नोटिस जारी करने के साथ भवन स्वामी को चेताया होता तो शायद एक मासूम की जान नहीं जाती।
