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वाराणसी में पीपीपी मॉडल के तहत हाईटेक बस स्टेशन का होगा निर्माण, जमीन न मिलने से रुका कार्य

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:27 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 30 Sep 2026 05:28 PM (GMT+05:30)

वाराणसी कैंट रोडवेज बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना जमीन न मिलने के कारण रुक गई है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. पीपीपी मॉडल पर वाराणसी कैंट बस स्टेशन विकास योजना रुकी।

  2. अस्थाई बस स्टेशन व कार्यालय हेतु जमीन नहीं मिल पाई।

  3. निजी संपत्ति किराए पर लेने का विचार कर रहा रोडवेज।

जागरण संवाददाता,वाराणसी। कैंट स्थित रोडवेज बस स्टेशन को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर ग्रहण लग गया है। तमाम कवायद के बावजूद रोडवेज प्रशासन को बस स्टेशन और कार्यालय स्थांतरित करने के लिए जमीन नहीं मिल पाई। विवश होकर निजी संपत्ति को किराए पर लेने का विचार किया जा रहा है।

पीपीपी मॉडल योजना पर शासन की मंजूरी के लगभग छह वर्षों बाद कार्यदाई संस्था का चयन हुआ। बस स्टेशन और कार्यालय स्थांतरित करने के लिए रोडवेज प्रशासन ने कई बार जिला प्रशासन से संपर्क किया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कुछ महीने पहले लहरतारा स्थित जल विहार कॉलोनी की खाली पड़ी भूमि लेने पर सहमति बनी। बाद में पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए।

मृदा परीक्षण का कार्य पूरा

इस कड़ी में अब तक रोडवेज कैंट बस स्टेशन परिसर में मृदा परीक्षण का कार्य ही हो पाया। वीडीए से मानचित्र की मंजूरी मिलना शेष है। इधर, परिवहन निगम मुख्यालय की तरफ से अस्थाई बस स्टेशन एवं कार्यालय बनाने के लिए धनराशि भी जारी किया जा चुका है।

जर्जर हो चुके हैं भवन

परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी का कैंट बस स्टेशन प्रदेश के सबसे व्यस्त बस स्टेशनों में से एक है। यहां से रोजाना 150 से अधिक बसों का संचालन होता है और 15 से 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है। वर्तमान भवन जर्जर होने और सुविधाओं के अभाव के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है।

पीपीपी मॉडल के तहत स्टेशन को तीन हिस्सों में विकसित किया जाएगा।

1. मुख्य टर्मिनल भवन: एसी वेटिंग हॉल, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और लिफ्ट-एस्केलेटर की सुविधा होगी।
2. बस बे एरिया: 32 आधुनिक बस बे बनेंगे, जहां बसों के आने-जाने का समय इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर दिखेगा।
3. कमर्शियल ब्लॉक: निजी निवेशक द्वारा होटल, मल्टीलेवल पार्किंग और ऑफिस स्पेस विकसित किया जाएगा, जिससे निगम को राजस्व मिलेगा।

  • डेढ़ से दो एकड़ भूमि की आवश्यकता
  • कैंट से दो किलो मीटर के दायरे में भूमि को प्राथमिकता
  • रोडवेज बस स्टेशन हो चुका है मृदा परीक्षण
  • वीडीए से मानचित्र की मंजूरी है शेष

पीपीपी मॉडल योजना की कड़ी में कैंट बस स्टेशन परिसर में मृदा परीक्षण का कार्य पूरा हो गया है। यहां से स्टेशन और कार्यालय स्थांतरित करने के लिए किराए पर निजी संपत्ति की तलाश की जा रही है। -परशुराम पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र।