वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पर लगा 200 किलोवाट का सोलर प्लांट, हरित राजमार्ग की ओर बढ़ाया कदम
वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पर 200 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा ...और पढ़ें

वाराणसी-औरंगाबाद हाईवे की ओर से डाफी टोल प्लाजा पर सोलर पावर प्लांट लगाकर सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में बढ़ाया कदम।
HighLights
डाफी टोल प्लाजा पर 200 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित।
सालाना 2.92 लाख यूनिट बिजली उत्पादन, 239 टन CO2 कम।
टिकाऊ बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे प्राइवेट लिमिटेडकी ओर से वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पर 200 किलोवाट सोलर पावर प्लांट लगाया गया है। यह पहल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में क्लीन और रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह रोडिस का एक कंसेशन प्रोजेक्ट है। कंपनी ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में इन्वेस्टमेंट, डेवलपमेंट, ऑपरेशन के क्षेत्र में काम करती है जिसका यह वाराणसी में बड़ा प्रोजेक्ट है।
इस सोलर पावर प्लांट से हर साल लगभग 2,92,000 यूनिट रिन्यूएबल बिजली बनने की उम्मीद है, जिससे हर साल करीब 239 टन कार्बनडाई आक्साइड उत्सर्जन कम होगा। टोल प्लाजा के संचालन में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से यह पहल एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने, बिजली का खर्च कम करने और साफ-सुथरे व ग्रीन एनवायरनमेंट को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
यह सोलर पावर प्लांट बाय-डायरेक्शनल इलेक्ट्रिसिटी मीटर से लैस है। इससे सोलर पावर का इस्तेमाल टोल प्लाजा पर सीधे किया जा सकेगा, जबकि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकेगा। इससे रिन्यूएबल एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के साथ-साथ ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन को अधिक जिम्मेदार और सस्टेनेबल बनाने में मदद मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर ऑपरेशंस हेड अश्विनी शर्मा ने बताया कि डाफी सोलर पावर प्लांट का शुभारंभ, जरूरी हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित और संचालित करने के हमारे तरीके में सस्टेनेबिलिटी को शामिल करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि लगातार फोकस ऑपरेशनल एफिशिएंसी के साथ पर्यावरण की देखभाल और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर है।
सोलर पावर प्लांट, पर्यावरण की सुरक्षा और जिम्मेदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए परियोजना का हिस्सा है। ऐसी पहल के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने के लिए ज्यादा क्लीन और एफिशिएंट तरीके अपनाने और एक सस्टेनेबल भविष्य में योगदान देने के लिए देश में काम हो रहा है।
वाराणसी औरंगाबाद एनएच-2 टोलवे वाराणसी से औरंगाबाद के बीच 192 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी फिलहाल संभाल रही है। इसके अलावा ‘स्वास्थ्य पथ’ पहल के तहत पांच मेडिकल मोबाइल यूनिट्स भी तैनात की गई हैं। इन मोबाइल यूनिट्स के जरिए वाराणसी के निवासियों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
