वाराणसी, जेएनएन। हवाई सेवा शुरू होने के तीसरे दिन बुधवार को वाराणसी एयरपोर्ट से चार फ्लाइट निरस्त  रही। जिसमें वाराणसी से मुंबई के लिए दो और कोलकाता व हैदराबाद के लिए एक-एक फ्लाइट रद रहा। लॉकडाउन के दौरान बंद पड़े विमान घरेलू विमान सेवाओं को सोमवार से प्रारंभ कर दिया गया लेकिन यात्रियों की कमी के चलते विमानन कंपनियां परेशान नजर आ रही हैं। यही कारण है कि विमान सेवा प्रारंभ किए जाने के पहले दिन जहां पांच विमानों को निरस्त किया गया था, वहीं दूसरे दिन आठ विमानों को निरस्त करना पड़ा। मंगलवार को 905 यात्री वाराणसी आए जबकि 383 यात्री वाराणसी से प्रस्थान गए।

एयरलाइंस के अधिकारियों ने बताया कि आपरेशनल कारणों से विमान रद हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो संख्या कम होने के चलते विमान निरस्त किए जा रहे हैं। यात्रियों का आवागमन कम होने के चलते दोपहर में एयरपोर्ट पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। यात्रियों की कमी इसी तरह रही तो एयरलाइंस द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही विमानों के ईंधन में का पैसा भी नहीं निकल पाएगा तथा कुछ विमानों का संचालन बंद करना पड़ेगा।

एयरलाइंस काउंटर के बाहर शारीरिक दूरी की उड़ रही धज्जियां

वाराणसी एयरपोर्ट पर टर्मिनल भवन के अंदर से विमान तक यात्रियों को शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। टर्मिनल भवन के अंदर पद चिह्नों के अलावा बैरिकेडिंग भी की गई है जिससे यात्रियों की भीड़ एकत्र नहीं हो सके। वहीं टर्मिनल भवन के बाहर एयरलाइंस काउंटर के सामने शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ रही हैं। विमानों से संबंधित जानकारी लेने के लिए यात्री वहां भीड़ लगाकर खड़े हो जा रहे हैं। क्योंकि एयरलाइंस कर्मी काउंटर के अंदर होते हैं और बाहर न कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद रहता है और न ही नियमों का पालन कराने वाला। ऐसे में यात्री वहां एकत्र हो जा रहे हैं जिससे कोरोना वायरस बढऩे की आशंका जताई जा रही है।

टिकट रिफंड में आनाकानी कर रहीं विमानन कंपनियां

कोरोना वायरस महामारी व लॉकडाउन अवधि में सभी की बस एक ही इच्छा है कि वे किसी तरह अपने घर पहुंच जाएं। घर पहुंचने के लिए साधन नहीं मिलने पर लोग मुंबई, सूरत, गुजरात, पंजाब आदि प्रदेशों से पैदल ही चल दिए। कुछ लोग घर पहुंच गए तो कुछ रास्ते में हैं। परेशान कुछ लोगों ने घर पहुंचने के लिए हवाई जहाज तक के टिकट बुक करा लिए। इनमें कई ऐसे हैं, जिन्होंने अपने सामान बेचकर या दूसरे से कर्ज लेकर टिकट बुक कराया था। लॉकडाउन के चलते विमान सेवाएं नहीं शुरू हुईं तो उन्होंने दूसरा रास्ता अख्तियार कर लिया। वे किसी तरह घर पहुंच गए हैं लेकिन अब विमानन कंपनियां उनका पैसा लौटाने को तैयार नहीं हैं। इस बात को लेकर विमानन कंपनियों के खिलाफ गुस्सा है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और विमानन कंपनियों से पैसा लौटाने की गुहार लगा रहे हैं। 

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 24 मार्च से विमान सेवाएं बंद होने के बाद जिन यात्रियों ने लॉकडाउन की अवधि में यात्रा के लिए टिकट बुक कराया था उनमें से ज्यादातर का पैसा अभी तक विमानन कंपनियों ने नहीं लौटाया। लॉकडाउन के दौरान यात्री एयरपोर्ट नहीं जाकर एयरलाइंस के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर पैसा वापस करने की मांग की।  इस दौरान कुछ विमानन कंपनियों के कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया तो कुछ लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यात्री सोच रहे थे कि विमान सेवाएं शुरू होने के साथ एयरलाइंस काउंटर खुलने पर उनके पैसे वापस मिल जाएंगे लेकिन एयरलाइंस काउंटर खुलने पर भी उनके पैसे वापस नहीं दिए गए। एयरलाइंस कंपनियों द्वारा पैसा नहीं देने से परेशान लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए पैसे वापस करने की मांग उठाई है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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