वाराणसी : उत्कर्ष फाइनेंस को वर्ष 2016 में रिजर्व बैंक द्वारा लघु वित्त बैंक का लाइसेंस मिला। इसके बाद बैंक तेजी से विस्तार कर रहा है। बैंक की देश भर में लगभग 400 शाखाएं हैं। इसी कड़ी में बैंक वर्ष के आखिर तक उत्तर प्रदेश में 18 नई शाखाएं खोलेगा। बैंक ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए मदद का सारथी बन रहा है। इससे महिलाओं को रोजगार करने में मदद मिल रही है तो वहीं गरीब मजदूर व बुनकर भी बैंक से मदद ले अपने आय को बढ़ा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक का शुभारंभ किया था।

बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि बैंक वर्ष 2009 में छोटे स्तर से शुरू हुआ। यह बैंक बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से पाव जमा रहा है। उत्कर्ष की वर्तमान समय में यूपी में पाच रिटेल आउटलेट्स, सौ माइक्रो फाइनेंस व जनरल बैंकिंग तथा माइक्रो बैंकिंग की तीन-तीन शाखाएं हैं। पूर्वाचल और बिहार में काम करने वाले उत्कर्ष बैंक की पहुंच 10 राज्यों के 110 जिलों में हैं। चार सौ से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स हैं। लोन का पोर्टफोलियो दो हजार करोड़ से अधिक है। 2021 तक बैंक का लक्ष्य ग्राहक आधार एक करोड़ पार करने का है। ग्राहकों की संख्या 12 लाख से ज्यादा हैं। बैंक में सबसे ज्यादा ग्राहकों की संख्या महिलाओं की हैं।

कहा कि हम देश की ऐसी आबादी को बैंकिंग सेवाओं यानी वित्तीय समावेशन से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनके पास तक अभी यह सुविधा नहीं पहुंच पाई है। माइक्रो फाइनेंस कारोबार स्माल फाइनेंस बैंक के रूप में विकसित हुआ है। बैंक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और कम आय वालों को क्रेडिट सब्सिडी की पेशकश की गई है ताकि घर का सपना साकार हो सके। उत्कर्ष बैंक में चार हजार से अधिक कर्मचारी हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों में यह पहला वाणिज्यिक बैंक है जिसका मुख्यालय वाराणसी में है।

उपलब्ध कराता है बैंकिंग उत्पाद

बचत खाता (प्रीमियम, माइनर और वेतन खाते सहित), चालू खाता (बिजनेस प्रीमियम खाते समेत), फिक्स्ड डिपॉजिट, आरडी, लाइफ इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस, म्युचुअल फंड, डीमैट, इनवर्ड मनी ट्रासफर, पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं।

Posted By: Jagran